सोलन। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में दुष्कर्म और अपहरण के मामले में कोर्ट ने दोषी को कड़ी सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एंव सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कनिका चावला की अदालत ने आरोपित को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
नाबालिग के साथ दुष्कर्म
मामला साल 2021 का है। पीड़िता उस वक्त अपने परिवार के साथ किराए के कमरे में रहती थी। उसके साथ दुष्कर्म करने वाला उसके कमरे के साथ में रहना वाला पड़ोसी पाया गया है।
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पीड़िता का पड़ोसी था दरिंदा
पीड़िता के परिजनों ने बताया कि उस समय उनकी बेटी नाबालिग थी और सोलन जिले में एक किराये के मकान में परिवार के साथ ही रहती थी। लड़की के कमरे के पास ही आसिफ अंसारी नाम का व्यक्ति रहता था- जो कि उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।
लड़की को बातों में फंसाया
आसिफ ने धीरे-धीरे से पीड़िता से बातचीत करना शुरू की। उसके बाद उसने उसे अपनी बातों में फंसा लिया और शादी करने को कहा। लड़की उसकी बातों में आ गई और उससे रोजाना बातचीत करने लगी।
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बनाया हवस का शिकार
इसी बीच पड़ोसी आसिफ ने पहले उसे चंडीगढ़ आने को कहा और फिर सहारनपुर बुलाया। जहां पर उसने पीड़िता के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। इसी तरह उसने कई बार लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाया।
लड़की ने बताया सच
एक दिन अचानक लड़की की तबीयत खराब हुई तो उसने परिवार को पूरा सच बताया दिया। बेटी की बात सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़िता के परिजनों ने पुलिस थाना सोलन में शिकायत दर्ज करवाई।
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कोर्ट पहुंचा मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिर मामले में चार्जशीट दाखिल की गई और मामला कोर्ट पहुंचा।
11 गवाहों के बाद दोषी करार
ट्रायल के दौरान 11 गवाहों के साक्ष्य दर्ज किए गए। सभी साक्षियों, रिजल्ट व विशेष लोक अभियोजक द्वारा प्रस्तुत की गई दलीलों के आधार पर में अदालत ने आरोपित के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए व उसे दोषी करार दिया। उसे 20 वर्ष सशक्त कारावास की सजा सुनाई।
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दोषी को मिली कठोर सजाएं
कोर्ट ने दोषी को अलग-अलग धाराओं के तहत कठोर सजाएं सुनाई हैं-
- पॉक्सो अधिनियम की धारा-6
- IPC की धारा-363, 366 और 376
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मुआवजा देने का भी आदेश
अदालत ने दोषी को पॉक्सो अधिनियम की धारा-6 के तहत 20 साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। इसी के साथ IPC की धारा 363 के तहत पांच साल के कठोर कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना भरने को कहा है।
अगर नहीं भरा जुर्माना
इसके अलावा धारा 366 के तहत भी पांच साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। दोषी पर ये तीनों सजाएं एक साथ चलेंगी। वहीं, जुर्माना अदा ना करने पर दोषी को दो साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
