सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां आर्थिक तंगी और परिवार की बीमारी ने एक व्यक्ति को इतना तोड़ दिया कि उसने जिंदगी से हार मान ली। बैंक के कर्ज और पत्नी की गंभीर बीमारी के दबाव ने एक हंसते.खेलते परिवार को पलभर में उजाड़ कर रख दिया। परेशान व्यक्ति घर से चुपचाप निकला और गांव के पास जंगल में जाकर पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है।
जिम्मेदारियों के बोझ तले टूट गया परिवार का सहारा
मृतक की पहचान 56 वर्षीय रमेश कुमार के रूप में हुई है, जो दाड़लाघाट क्षेत्र के गांव टुईरू का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि वह एक निजी कंपनी में काम करता था और परिवार की जिम्मेदारियां उसी के कंधों पर थीं। घर की आर्थिक स्थिति पहले ही सामान्य थी, लेकिन बीते कुछ समय से परिस्थितियां लगातार कठिन होती जा रही थीं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: बाइक पर लाखों का चिट्टा सप्लाई करने निकला था युवक, मात्र 23 साल का है आरोपी
पत्नी की गंभीर बीमारी ने बढ़ाई परेशानी
जानकारी के अनुसार रमेश की पत्नी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थी। लंबे समय से चल रहे इलाज के कारण परिवार पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा था। इलाज के खर्च और घर के अन्य खर्चों ने रमेश को मानसिक रूप से बेहद परेशान कर दिया था।
बैंक कर्ज ने बढ़ा दिया मानसिक तनाव
बताया जा रहा है कि रमेश ने शिमला के विकास नगर क्षेत्र में एक फ्लैट लिया हुआ था, जिसकी बैंक किस्तें उसे चुकानी पड़ रही थीं। एक ओर पत्नी की बीमारी का खर्च और दूसरी ओर बैंक का कर्ज इन दोनों ने उसे गहरे तनाव में डाल दिया था। धीरे-धीरे यह दबाव इतना बढ़ गया कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया। परिजनों के अनुसार रमेश पिछले कुछ दिनों से बेहद परेशान और तनाव में था। बताया जा रहा है कि 5 मार्च को उसने काफी शराब भी पी ली थी। उसकी हालत देखकर अगले दिन उसका भाई उसे शिमला से वापस पैतृक गांव टुईरू ले आया, ताकि परिवार के बीच रहकर वह संभल सके।
यह भी पढ़ें : महिलाओं को सरकारी नौकरी में मिलेगा 25 % कोटा, CM सुक्खू ने महिला दिवस पर की 3 बड़ी घोषणाएं
घर से निकला और जंगल में उठाया खौफनाक कदम
गांव लौटने के अगले ही दिन रमेश चुपचाप घर से निकल गया। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता हुई। बाद में गांव के पास जंगल में एक पेड़ से लटका उसका शव मिला। यह दृश्य देखकर परिवार और ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मृतक के गले पर रस्सी के निशान के अलावा शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं पाए गए हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: EMT कर्मी ने 108 एंबुलेंस में ही कर दी महिला से नीचता, देवरानी के साथ जा रही थी अस्पताल
परिजनों ने किसी पर नहीं जताया शक
पुलिस के अनुसार परिजनों ने इस मामले में किसी भी प्रकार की आशंका जाहिर नहीं की है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले में आगे की औपचारिक कार्रवाई जारी है। यह दर्दनाक घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आर्थिक दबाव और गंभीर बीमारियां किस तरह एक परिवार की खुशियां छीन सकती हैं।
