सोलन। हिमाचल प्रदेश में जिला सोलन की एक नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में आखिरकार लंबे इंतजार के बाद न्याय मिला है। पीड़िता पिछले सात साल से इस लड़ाई को अदालत में लड़ रही थी, जिसके बाद अब कोर्ट ने अपना अहम फैसला सुनाया है।
आरोपी को सुनाई सजा
बता दे कि कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस फैसले को बेटियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और कड़ा संदेश माना जा रहा है।
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यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय) कनिका चावला की अदालत ने सुनाया। अदालत ने साफ कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती।
दोस्ती के बाद शादी का झांसा देकर किया अपहरण
यह पूरा मामला साल 2019 का है। उस समय पीड़ित लड़की नाबालिग थी और बद्दी के दशोरा माजरा इलाके में अपने परिवार के साथ रहती थी। आरोपी उसी इलाके में रहने वाला उसका पड़ोसी था। बताया गया कि आरोपी ने पहले लड़की से जान-पहचान बढ़ाई और धीरे-धीरे उससे दोस्ती कर ली। इसके बाद उसने शादी का झांसा देकर उसे अपने जाल में फंसा लिया। फिर एक दिन वह उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और अपहरण कर लिया।
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सूरत ले जाकर किया शोषण
जानकारी के अनुसार आरोपी लड़की को गुजरात के सूरत ले गया। वहां उसने एक किराए का कमरा लिया और लड़की को वहीं रखा। इस दौरान उसने उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया। लड़की उस समय नाबालिग थी, इसलिए यह मामला और भी गंभीर हो गया। बाद में इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई गई।
पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
घटना के बाद बद्दी के महिला थाना में आरोपी के खिलाफ पोक्सो (POCSO) एक्ट और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान कई अहम सबूत जुटाए और मामले को कोर्ट तक पहुंचाया।
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18 गवाहों और सबूतों ने मजबूत किया केस
कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने मजबूती से अपना पक्ष रखा। इस दौरान कुल 18 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। गवाहों की गवाही और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर अदालत इस नतीजे पर पहुंची कि आरोपी ने गंभीर अपराध किया है। कोर्ट ने उसे पोक्सो एक्ट की धारा 6 और आईपीसी की धारा 363, 366 और 376 के तहत दोषी करार दिया।
सजा और जुर्माने
IPC की धारा 363, 366 और 376 के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को पोक्सो एक्ट के तहत 20 साल की कठोर कैद और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा अपहरण और अन्य धाराओं में भी अलग-अलग सजा सुनाई गई, जिसमें पांच-पांच साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना शामिल है।
