सोलन। स्वतंत्रता दिवस से पहले हिमाचल प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। इसकी वजह एक धमकी भरा ई-मेल है, जिसने प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सोलन जिले में नगर निगम सोलन, कसौली के एसडीएम कार्यालय और डगशाई स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल को भेजे गए ई-मेल में 15 अगस्त के आसपास बम धमाकों की धमकी दी गई है। ई-मेल में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का भी उल्लेख किया गया है और राष्ट्रविरोधी संदेश लिखे गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस, साइबर विशेषज्ञों और बम निरोधक दस्ते ने जांच शुरू कर दी है।
नगर निगम कार्यालय खाली कराया
धमकी मिलने के बाद सबसे पहले नगर निगम सोलन कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एहतियात के तौर पर पूरे कार्यालय को तुरंत खाली कराया गया और कर्मचारियों व आम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया। इसके बाद बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने भवन की गहन तलाशी शुरू की। समाचार लिखे जाने तक किसी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन जांच जारी रही।
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धमकी में पीएम मोदी अमित शाह का भी नाम
धमकी भरे ई-मेल में कई गंभीर और आपत्तिजनक दावे किए गए हैं। संदेश में 15 अगस्त के आसपास मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा राष्ट्रविरोधी नारे लिखते हुए लोगों से 'वंदे मातरम्' न बोलने जैसी बातें कही गई हैं। ई-मेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं।
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इतना ही नहीं, डगशाई स्थित एक स्कूल और कसौली के एसडीएम कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी देने के साथ यह भी लिखा गया है कि 15 अगस्त के दिन बच्चों को स्कूल न भेजा जाए। ई-मेल में दावा किया गया है कि बच्चों को निशाना नहीं बनाया जाएगा, लेकिन स्कूल परिसरों में विस्फोट किए जाएंगे। इन धमकियों को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
एसडीएम कार्यालय और आर्मी पब्लिक स्कूल को भी मिली धमकी
धमकी का दायरा केवल नगर निगम कार्यालय तक सीमित नहीं रहा। कसौली स्थित एसडीएम कार्यालय और डगशाई के आर्मी पब्लिक स्कूल को भी इसी प्रकार का ई-मेल भेजा गया। प्रशासन ने इसे अत्यंत गंभीर मामला मानते हुए तत्काल पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया। इसके बाद संबंधित परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई।
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ई-मेल में लिखी गईं गंभीर धमकियां
पुलिस के अनुसार धमकी भरे ई-मेल में स्वतंत्रता दिवस के दौरान सरकारी संस्थानों और शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई है। साथ ही कई राष्ट्रविरोधी टिप्पणियां भी लिखी गई हैं। ई-मेल में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का उल्लेख करते हुए भी धमकी दी गई है। इन दावों की सत्यता की जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं और इन्हें एहतियाती दृष्टि से गंभीरता से लिया गया है।
साइबर टीम और डॉग स्क्वॉड जांच में जुटे
एसडीएम कसौली महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ई-मेल मिलने के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ई-मेल भेजने वाले की पहचान, उसकी लोकेशन और संदेश के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर टीम डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। वहीं डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता भी सुरक्षा जांच में जुटा हुआ है।
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संवेदनशील स्थानों पर बढ़ाई गई सुरक्षा
स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए जिला प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और अन्य संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा और कड़ी कर दी है। पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है तथा संबंधित विभागों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अफवाहों से बचने की अपील
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
प्रदेश में इससे पहले भी कुछ सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक संस्थानों को इस प्रकार की धमकी भरे संदेश मिल चुके हैं। हालांकि कई मामलों में जांच के दौरान वे फर्जी पाए गए थे, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी खतरे को हल्के में नहीं ले रही हैं। यही कारण है कि इस बार भी प्रत्येक सूचना पर पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई की जा रही है।
