कांगड़ा। उम्र ढलने के साथ लोग आमतौर पर घर-आंगन और पूजा-पाठ तक सिमट जाते हैं, लेकिन हिमाच प्रदेश के जिला कांगड़ा में एक बुजुर्ग महिला का नाम नशे के नेटवर्क में सामने आया तो पुलिस ने साफ संदेश दे दिया, कानून के आगे कोई रियायत नहीं। जिला कांगड़ा पुलिस ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत पालमपुर के विन्द्रावन क्षेत्र की महिला तस्कर को सख्त कार्रवाई करते हुए तीन महीने की निवारक हिरासत में भेज दिया है।
बार-बार पकड़ी गई राजकुमारी
आरोपी की पहचान राजकुमारी, निवासी वार्ड नंबर-06, विन्द्रावन, तहसील पालमपुर के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ थाना पालमपुर में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े चार मामले पहले से दर्ज हैं। हर बार गिरफ्तारी, फिर जमानतॉ और फिर वही धंधा। इस बार पुलिस ने कड़ा रास्ता चुना।
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राजकुमारी पर है चार मामले
जांच में सामने आया कि राजकुमारी के कब्जे से पूर्व में चरस, गांजा और हेरोइन (चिट्टा) जैसे घातक पदार्थ बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस और खुफिया रिपोर्टों के अनुसार वह क्षेत्र में सप्लाई और वितरण नेटवर्क से सक्रिय रूप से जुड़ी थी। स्थानीय युवाओं तक नशे की पहुंच और कानून-व्यवस्था पर पड़ रहे असर को देखते हुए मामला गंभीर माना गया।
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PIT NDPS के तहत हिरासत
पुलिस ने 27 दिसंबर 2025 को उसके खिलाफ PIT NDPS Act, 1988 के तहत निवारक हिरासत का प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों के माध्यम से सक्षम प्राधिकारी को भेजा। तथ्यों की समीक्षा के बाद अधिनियम की धारा 3(1) के तहत तीन माह के लिए निरुद्ध करने के आदेश जारी किए गए। 19 फरवरी को थाना पालमपुर ने नियमानुसार कार्रवाई कर उसे जिला जेल कांगड़ा (धर्मशाला) भेज दिया।
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‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से काम कर रही पुलिस
पुलिस विभाग ने दो टूक कहा है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा चाहे वह उम्रदराज ही क्यों न हो। ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत ऐसे मामलों में निवारक हिरासत जैसे सख्त कदम आगे भी उठाए जाएंगे। कांगड़ा में यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस संदेश की पुष्टि है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में कानून की पकड़ अब और मजबूत होगी।
