मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में भरोसे को तारतार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक मोबाइल विक्रेता ने इंस्टाग्राम के जरिए एक नाबालिग छात्रा को अपने जाल में फंसाया और गिफ्ट का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद से आरोपी फरार है जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
वारदात का घटनाक्रम: दोस्ती से विश्वासघात तक
मिली जानकारी के अनुसार मंडी शहर में मोबाइल की दुकान चलाने वाले आरोपी ने कुछ समय पहले इंस्टाग्राम पर पीड़िता से संपर्क साधा था। बातों-बातों में उसने नाबालिग को अपने विश्वास में ले लिया।
- झांसा: करीब पांच दिन पहले आरोपी ने नाबालिग को नया मोबाइल फोन देने के बहाने अपनी दुकान पर बुलाया।
- दुष्कर्म: जब पीड़िता दुकान पहुंची तो आरोपी उसे बहला-फुसलाकर एक होटल ले गया और वहां उसके साथ घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
- शिकायत: डरी-सहमी पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर गुरुवार शाम अपने परिजनों को पूरी बात बताई जिसके बाद महिला थाने में मामला दर्ज कराया गया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: काम से बाहर गई थी पत्नी, बेटा गया था ननिहाल- घर पर अकेले व्यक्ति ने लगा लिया फं*दा
केस में नया मोड़: मेडिकल जांच से इनकार
शुक्रवार शाम इस मामले में उस समय एक पेचीदा मोड़ आ गया जब पीड़िता ने मेडिकल जांच करवाने और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान (164 CrPC) दर्ज करवाने से साफ मना कर दिया। कानूनन ऐसे मामलों में पीड़िता की सहमति और मेडिकल साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, ऐसे में पीड़िता के इस कदम ने पुलिस की जांच प्रक्रिया को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की तलाश
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं और पोक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है।
- फरार आरोपी: FIR दर्ज होते ही आरोपी अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर फरार हो गया है। पुलिस को अंदेशा है कि वो पड़ोसी राज्य पंजाब की ओर भागा है।
- संदिग्ध रिकॉर्ड: बताया जा रहा है कि आरोपी पहले भी कई संदिग्ध गतिविधियों और विवादों में शामिल रहा है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल की जेल में पहुंच रहा था गांजा, कैदी मौज से चला रहे थे फोन- अंदर से ही कॉल कर मांगी फिरौती
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडी ने कहा कि- हमने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस की टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। हालांकि पीड़िता ने फिलहाल मेडिकल जांच करवाने से मना कर दिया है लेकिन पुलिस नियमानुसार मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।
सोशल मीडिया और सुरक्षा पर उठते सवाल
ये घटना एक बार फिर अभिभावकों के लिए अलार्म है कि वे अपने बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखें। डिजिटल दोस्ती और कीमती उपहारों का प्रलोभन किस तरह अपराध की ओर ले जा सकता है, ये मामला इसका जीवंत उदाहरण है।
