कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। एक तरफ आवारा मवेशियों के कारण सड़क हादसों में लोगों की जान जा रही है। वहीं दूसरी तरफ अब आवारा कुत्ते आम लोगों खासकर स्कूली बच्चों के लिए नई मुसीबत बनते जा रहे हैं। स्कूल आने.जाने वाले बच्चों पर ये कुत्ते कब झपट पड़ें, इसका कोई भरोसा नहीं है। ऐसा ही एक मामला कांगड़ा जिले के पंचरुखी क्षेत्र से सामने आया है, जिसने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
पंचरुखी के सलियाणा मंदिर के समीप शनिवार सुबह उस समय अफरा.तफरी मच गई जब स्कूल जा रहे एक मासूम बच्चे पर अचानक एक कुत्ते ने हमला कर दिया। कक्षा छठी में पढ़ने वाला वंश राणा रोज़ की तरह अपनी बहन के साथ स्कूल जा रहा था। मंदिर के पास से गुजरते समय अचानक एक कुत्ता उस पर झपट पड़ा और उसकी स्कूल यूनिफॉर्म को फाड़ डाला। इस घटना से बच्चा बुरी तरह घबरा गया।
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बहन की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
कुत्ते के हमले के दौरान वंश की चीख सुनकर उसकी बहन दिशा और साथ चल रही उसकी सहेली तुरंत पीछे मुड़ीं और किसी तरह बच्चे को कुत्ते से बचाया। सौभाग्य से इस हमले में बच्चे को कोई शारीरिक चोट नहीं आई, लेकिन मानसिक रूप से वह काफी डर गया। परिवार का कहना है कि यदि बच्चा उस समय अकेला होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी और बड़ा हादसा भी हो सकता था।
परिवार और ग्रामीणों में रोष
घटना के बाद पीड़ित बच्चे के परिवार में गहरा आक्रोश है। वंश के पिता अनिल कुमार ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में घूम रहे कुत्तों की तुरंत पहचान की जाए। उन्होंने कहा कि यदि हमला करने वाला कुत्ता पालतू है, तो उसके मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि जो भी कुत्ते पाल रहे हैं, वे उन्हें खुला न छोड़ें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है।
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प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचरुखी क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल मार्गों और आबादी वाले इलाकों में आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
