शिमला। हिमाचल प्रदेश में हाल ही में शिमला जिले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार के बेटे पर जानलेवा हमला किया गया। जिसके बाद पुलिस ने हमला करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दो हमलावर गिरफ्तार
इस घटना के बाद पुलिस लगातार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी। पुलिस टीम ने CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और वाहन की जांच कर दो हमलावरों को गिरफतार किया है। पुलिस अब तीसरे फायर आरोपी की तलाश में है।
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क्या थी घटना ?
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर अज्ञात हमलावरों ने CM सुक्खू के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के बेटे आर्यन चौहान पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की। घटना के 20 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
सुनसान इलाके में हुआ हमला
यह वारदात शिमला से करीब 10 किलोमीटर दूर मशोबरा के तारापुर क्षेत्र में हुई, जो आमतौर पर शांत और पर्यटक क्षेत्र माना जाता है। आर्यन चौहान, जो युवा कांग्रेस के महासचिव भी हैं और स्थानीय स्तर पर होटल व्यवसाय से जुड़े हैं ने बताया कि घटना दोपहर करीब डेढ़ बजे की है।
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होटल के बाहर रोकी गाड़ी
वह अपने होटल से बाहर निकले ही थे कि कुछ दूरी पर एक सफेद रंग की ऑल्टो कार में सवार चार नकाबपोश लोगों ने उनकी गाड़ी को रोकने की कोशिश की। शुरुआत में उन्हें यह सामान्य सड़क स्थिति लगी, लेकिन जब उन्होंने साइड देने के लिए लाइट दी- तभी हालात अचानक बदल गए।
हथियारों से लैस थे हमलावर
आर्यन के अनुसार, कार से दो युवक बाहर निकले एक के हाथ में पिस्तौल थी और दूसरे के हाथ में लोहे की रॉड। इसी दौरान एक हमलावर ने गोली चलाने की बात कही, जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो गई। आरोपियों का इरादा लूटपाट या अपहरण का लग रहा था।
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खाई में कूद गए आर्यन
खुद को चारों तरफ से घिरता देख आर्यन ने तत्काल निर्णय लेते हुए अपनी जान बचाने के लिए गाड़ी से छलांग लगाकर सड़क किनारे खाई में कूद गए। इस दौरान उन्हें पैर में हल्की चोट आई, लेकिन उनकी सूझबूझ और फुर्ती से एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के तुरंत बाद उन्होंने अपने पिता और पुलिस को इसकी सूचना दी।
नहीं हो पाई आरोपियों की पहचान
आर्यन ने बताया कि सभी हमलावर पूरी तरह नकाबपोश थे और उन्होंने मास्क पहन रखे थे, जिससे उनकी पहचान करना संभव नहीं हो पाया। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी किसी के साथ कोई निजी दुश्मनी या विवाद नहीं है, जिससे इस हमले के पीछे की मंशा और भी संदिग्ध हो जाती है।
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पुलिस ने कब्जे में ली कार
घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और संदिग्ध ऑल्टो कार को कब्जे में ले लिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वाहन की स्थिति ठीक नहीं है और उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस पर बढ़ता दबाव
यह मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण पुलिस पर जल्द खुलासा करने का दबाव बढ़ता जा रहा है। जांच एजेंसियां अब इस घटना को कई एंगल से देख सकती हैं- चाहे वह राजनीतिक रंजिश हो, कारोबारी प्रतिस्पर्धा, या फिर कोई अन्य व्यक्तिगत कारण।
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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
राजधानी के नजदीक दिनदहाड़े इस तरह का हमला न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अपराधी किस तरह बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। एक प्रभावशाली परिवार से जुड़े व्यक्ति पर हमला होने के बाद यह मामला और भी संवेदनशील बन गया है।
