#अपराध
August 4, 2026
हिमाचल पुलिस के हत्थे चढ़ा 22 वर्षीय विजय, 6 करोड़ का चिट्टा बरामद; 2026 की सबसे बड़ी खेप
हरियाणा का युवक 1.120 किलोग्राम चिट्टे के साथ दबोचा
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में कभी पांच-दस ग्राम से शुरू हुआ चिट्टे जैसे घातक नशे का काला कारोबार अब किलो के हिसाब तक पहुंच गया है। राजधानी शिमला से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने नशा तस्करी के बढ़ते नेटवर्क की गंभीर तस्वीर पेश कर दी है। हरियाणा का महज 22 वर्षीय युवक एक किलो से अधिक हेरोइन (चिट्टा) के साथ गिरफ्तार किया गया है। बरामद नशे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब छह करोड़ रुपये आंकी जा रही है। पुलिस इसे वर्ष 2026 की अब तक की सबसे बड़ी चिट्टा बरामदगी मान रही है।
शिमला पुलिस की विशेष जांच इकाई (एसआईयू) को चिट्टा तस्करी की पुख्ता सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर तारा देवी स्थित आईटीबीपी कैंप के समीप विशेष नाकाबंदी की गई। इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को रोककर उसकी तलाशी ली। जांच के दौरान उसके कब्जे से 1.120 किलोग्राम चिट्टा बरामद हुआ। बरामदगी के बाद मौके पर ही युवक को गिरफ्तार कर लिया गया।
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पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरियाणा के अंबाला जिले के नारायणगढ़ निवासी 22 वर्षीय विजय कुमार के रूप में हुई है। इतनी कम उम्र में करोड़ों रुपये की नशीली खेप के साथ गिरफ्तारी ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि आरोपी किसी बड़े नशा तस्करी गिरोह का सक्रिय सदस्य हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस वर्ष हिमाचल प्रदेश में चिट्टे की यह सबसे बड़ी खेप मानी जा रही है। 1.120 किलोग्राम हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब छह करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई को शिमला पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे नशा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की उम्मीद बढ़ गई है।
बरामदगी के बाद आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना बालूगंज में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि पूछताछ के दौरान पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में चिट्टा किसी एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकता। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप कहां से लाई गई, इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। आरोपी के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन और अन्य संपर्कों की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अब पुलिस का पूरा फोकस इस खेप के पीछे सक्रिय पूरे गिरोह तक पहुंचने और नशा तस्करी की जड़ों को खत्म करने पर है।