#अपराध
August 3, 2026
हिमाचल पुलिस ने एक ही दिन में पकड़ा 232 ग्राम चिट्टा, पंजाबी समेत तीन युवक गिरफ्तार
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद नशा तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घुमारवीं थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में करीब 232 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नशे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
जानकारी के अनुसार, बिलासपुर पुलिस की SIT रविवार को बलोह फोरलेन लिंक रोड, मल्यावर के पास वाहनों और यात्रियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान टीम को बस में सवार पंजाब के गुरदासपुर जिले के बटाला निवासी 30 वर्षीय रूबल पर पुलिस को शक हुआ। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से करीब 122 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
उसी दिन पुलिस ने बलोह फोरलेन लिंक रोड मंडीघाट के पास भी विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान एक अन्य बस में सफर कर रहे मंडी जिले के सुंदरनगर क्षेत्र के डैहर निवासी दो युवकों- नीरज कुमार (30) और विकास (27) की तलाशी ली गई। जांच के दौरान उनके कब्जे से लगभग 110 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
दोनों मामलों में कुल मिलाकर करीब 232 ग्राम चिट्टा बरामद होने के बाद पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल अलग-अलग तस्करी की घटनाएं नहीं हैं- बल्कि इनके पीछे एक संगठित सप्लाई नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। इसी कारण पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, वित्तीय लेन-देन, संपर्क सूत्रों और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
बिलासपुर पुलिस ने बताया कि बीती एक अगस्त को थाना घुमारवीं में दर्ज एक अन्य मामले की जांच के दौरान भी महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी थी। उस मामले में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी 21 वर्षीय रामू को करीब 8.72 ग्राम चिट्टा के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के साथ-साथ वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण किया। इसी जांच के आधार पर पुलिस को नशे की सप्लाई की अगली कड़ी का पता चला।
पुलिस जांच में सामने आया कि बरामद नशे की खेप आगे बिलासपुर जिले के घुमारवीं क्षेत्र के मर्सिंघी निवासी 29 वर्षीय प्रतीक चौहान तक पहुंचाई जानी थी। पुलिस के अनुसार, प्रतीक स्थानीय स्तर पर नशे की सप्लाई करने का काम करता था। इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया और आगे की पूछताछ शुरू कर दी है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्रतीक चौहान के खिलाफ पहले से ही NDPS एक्ट के तहत नशा तस्करी के चार मामले दर्ज हैं। ऐसे में पुलिस अब उसके पुराने संपर्कों और पूरे नेटवर्क की दोबारा जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से नशा तस्करी से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
बिलासपुर पुलिस का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल नशे की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पुलिस पूरे सप्लाई नेटवर्क की बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है, ताकि नशे के कारोबार से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचा जा सके। डिजिटल साक्ष्यों, बैंक लेन-देन और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
SP बिलासपुर अभिषेक धीमान ने कहा कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस केवल छोटे स्तर के तस्करों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच के जरिए नशे के कारोबार की जड़ तक पहुंचकर इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।