पालमपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। पालमपुर क्षेत्र में महज 21 वर्ष का युवक कॉलेज विद्यार्थियों को नशा उपलब्ध कराता था। पुलिस की कार्रवाई में खुलासा हुआ कि आरोपी ने अपने किराये के कमरे को ही नशे की छोटी दुकान में तब्दील कर रखा था, जहां से वह कथित रूप से छात्रों को चरस बेचता था।
गुप्त सूचना के बाद पुलिस की कार्रवाई
पालमपुर पुलिस को सूचना मिल रही थी कि निहंग टीका इलाके में एक युवक युवाओं को निशाना बनाकर अवैध नशे का कारोबार कर रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने अचानक दबिश दी। तलाशी के दौरान कमरे से 620 ग्राम चरस, डिजिटल तौल मशीन, 8 हजार रुपये नकद और भूरे रंग की टेप से लिपटे कई खाली लिफाफे बरामद किए गए। आशंका है कि इन लिफाफों का उपयोग नशे की छोटी.छोटी पुड़िया तैयार करने के लिए किया जाता था।
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आरोपी की पहचान और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी की पहचान अनुज शर्मा (21) निवासी कोसरी जयसिंहपुर कांगड़ा के रूप में की है। कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ मादक द्रव्य निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक को नशा कहां से मिलता था और इस अवैध नेटवर्क में अन्य कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
कॉलेज छात्रों को बनाया निशाना
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कॉलेज छात्रों को लक्ष्य बनाकर नशा बेचता था। यह तथ्य और भी गंभीर है क्योंकि इससे युवा पीढ़ी सीधे प्रभावित हो सकती है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है ताकि इस तरह के अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
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कम उम्र में अपराध की राह, समाज के लिए चिंता
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इतनी कम उम्र में युवक नशे के कारोबार में शामिल पाया गया। जिस उम्र में युवाओं को पढ़ाई और भविष्य निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए] उसी उम्र में नशे के धंधे में उतरना समाज के लिए गंभीर संकेत है।
