#अपराध
May 20, 2026
हिमाचल में नशा तस्कर पर बुलडोजर एक्शन, 50 लाख का आलीशान मकान किया जमींदोज
हिमाचल में नशा माफिया के खिलाफ सरकार का बड़ा प्रहार
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नूरपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ छेड़ी गई जंग अब और अधिक तेज होती नजर आ रही है। प्रदेश सरकार और पुलिस ने साफ कर दिया है कि नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अब केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि नशे के अवैध कारोबार से बनाई गई संपत्तियों पर भी सीधे कार्रवाई की जा रही है। नशा तस्करों की काली कमाई से खड़े किए गए आशियानों को चिन्हित कर उन पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में बुधवार को कांगड़ा जिले के नूरपुर क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक नशा आरोपी के आलीशान मकान को ध्वस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि मकान की कीमत लगभग 40 से 50 लाख रुपये के बीच थी। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों ने कुछ ही घंटों में पूरे ढांचे को मलबे में तब्दील कर दिया।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने जिस मकान का निर्माण किया था, वह सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करके बनाया गया था। राजस्व विभाग की निशानदेही में भी यह तथ्य स्पष्ट हो गया। इसके बाद प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मकान को हटाने का फैसला लिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन का इस्तेमाल इस मकान के निर्माण में किया था। आरोप है कि नशे के कारोबार से हुई कमाई को संपत्ति में निवेश कर यह आलीशान मकान खड़ा किया गया था। यही वजह रही कि मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने कठोर कार्रवाई की।
जैसे ही बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई, आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते लाखों रुपये की लागत से बना मकान धराशायी हो गया। यह कार्रवाई पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही और लोगों ने इसे नशा कारोबारियों के खिलाफ कड़ा संदेश बताया।
नूरपुर पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई पिछले एक सप्ताह के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इससे पहले डमटाल क्षेत्र में भी एक अन्य नशा आरोपी के मकान को इसी तरह ध्वस्त किया गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से नशा कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
प्रदेश में नशा तस्करी और उससे अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ यह अभियान मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद और अधिक तेज हुआ है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि नशे के कारोबार की आर्थिक कमर तोड़े बिना इस समस्या पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगाया जा सकता।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को राहत नहीं मिलेगी। यदि किसी की संपत्ति नशे की कमाई से बनाई गई पाई जाती है या सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़ी होती है तो उसके खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। गिरफ्तारी, संपत्ति जब्ती और बुलडोजर कार्रवाई जैसे कदम उठाकर नशा नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। नूरपुर में हुई यह कार्रवाई इसी मुहिम का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसने नशा कारोबारियों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब कानून का शिकंजा और अधिक सख्त होने वाला है।