शिमला। हिमाचल प्रदेश की बेटी रेणुका ठाकुर ने देश की जर्सी पहनकर क्रिकेट के मैदान पर अपनी पहचान बनाई, लेकिन अब उसी खिलाड़ी के परिवार को प्रदेश सरकार से जवाब मांगना पड़ रहा है। एशियन गेम्स 2026 में भारत की महिला क्रिकेट टीम ने गोल्ड मेडल जीता और इस टीम की स्क्वॉड में हिमाचल की तेज गेंदबाज रेणुका ठाकुर भी शामिल थीं। मगर प्रदेश सरकार की इनाम घोषणा वाली लिस्ट से रेणुका ठाकुर का नाम गायब है।
प्रदेश सरकार की सूची से गायब रेणुका
हाल ही में प्रदेश सरकार की ओर से एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाले हिमाचल के छह खिलाड़ियों के लिए कुल 5.33 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा की गई है, लेकिन इस सूची में रेणुका ठाकुर का नाम नहीं है। परिवार का कहना है कि जब वह गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम की स्क्वॉड का हिस्सा थीं, तो उन्हें पुरस्कार से बाहर क्यों रखा गया। मामला अब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सामने उठाने की तैयारी है और रेणुका की मां सुनीता ठाकुर ने इस पर खुलकर आपत्ति जताई है।
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एशियन गेम्स में भारत ने जीता गोल्ड
हाल ही में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को हराकर गोल्ड जीता। रोहड़ू क्षेत्र के पारसा गांव की रहने वाली रेणुका ठाकुर भी उस भारतीय टीम की आधिकारिक स्क्वॉड में शामिल थीं। हालांकि इस टूर्नामेंट में उन्हें अंतिम एकादश में खेलने का अवसर नहीं मिला और वह टीम के साथ बेंच पर रहीं।
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परिवार ने खड़ा किया सवाल
अब इसी वजह से पुरस्कार की पात्रता को लेकर सवाल खड़ा हुआ है। परिवार का तर्क है कि रेणुका उस भारतीय स्क्वॉड का हिस्सा थीं जिसने एशियन गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीता, इसलिए उनकी उपलब्धि को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं सरकार की ओर से फिलहाल यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि पुरस्कार के नियमों के तहत टीम स्क्वॉड में शामिल लेकिन प्लेइंग-11 में नहीं खेलने वाली खिलाड़ी की पात्रता क्या है।
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सरकार ने 6 खिलाड़ियों के लिए घोषित किए 5.33 करोड़
- CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एशियन गेम्स में हिमाचल का प्रतिनिधित्व कर पदक जीतने वाले छह खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। इनमें महिला कबड्डी में गोल्ड मेडल जीतने वाली हिमाचल की चार खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्हें 33.33-33.33 लाख रुपये देने की बात कही गई है।
- इसके अलावा पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीतने वाले मंडी के सावन बरवाल को 2.50 करोड़ रुपये और महिला 10 हजार मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली चंबा की सीमा कुमारी को 1.50 करोड़ रुपये दिए जाने हैं।
- इन सभी पुरस्कारों की कुल राशि 5.33 करोड़ रुपये है। लेकिन इसी सूची में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के साथ एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाली रेणुका ठाकुर का नाम नहीं है। यही बात अब उनके परिवार के लिए सबसे बड़ा सवाल बनी हुई है।
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मां बोलीं- बेटी के साथ भेदभाव क्यों
रेणुका ठाकुर की मां सुनीता ठाकुर ने सरकार की पुरस्कार सूची पर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि उनकी बेटी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्क्वॉड का हिस्सा रही और टीम ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल किया।
CM से मिलेगा परिवार
ऐसे में रेणुका को पुरस्कार सूची से बाहर रखना परिवार को उचित नहीं लग रहा है। सुनीता ठाकुर का कहना है कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सामने रखेंगी और गुरुवार को रोहड़ू में उनसे मुलाकात के दौरान अपनी आपत्ति दर्ज करवाएंगी।
एक साल पहले भी सरकार ने किया था बड़ा ऐलान
रेणुका ठाकुर के परिवार की नाराजगी केवल एशियन गेम्स के इनाम तक सीमित नहीं है। इसके पीछे करीब एक साल पुरानी सरकार की घोषणा भी जुड़ी हुई है। नवंबर 2025 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीता था।
विश्व कप विजेता टीम की सदस्य रहीं रेणुका ठाकुर को CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने फोन कर बधाई दी थी। उस दौरान मुख्यमंत्री की ओर से रेणुका के लिए एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई थी।
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परिवार का दावा- न पैसा मिला, न नौकरी
परिवार का कहना है कि घोषणा के लगभग एक साल बाद भी न तो एक करोड़ रुपये की राशि मिली है और न ही सरकारी नौकरी को लेकर कोई ठोस कार्रवाई हुई है। अब एशियन गेम्स की पुरस्कार सूची में नाम नहीं होने से परिवार की नाराजगी और बढ़ गई है।
भाई बोला- वादा पूरा करें CM
रेणुका के भाई विनोद ठाकुर ने भी सरकार की पिछली घोषणा को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि CM की ओर से एक करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई थी, लेकिन लगभग एक साल बीतने के बाद भी उनकी बहन को यह लाभ नहीं मिला।
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विनोद के मुताबिक इस संबंध में सरकार की तरफ से परिवार के साथ कोई स्पष्ट पत्राचार भी नहीं हुआ है। उन्होंने CM से आग्रह किया है कि रेणुका के लिए की गई घोषणा को जल्द पूरा किया जाए। परिवार का कहना है कि खिलाड़ी ने देश के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और अब सरकार की ओर से किए गए वादे को पूरा करने की उम्मीद है।
रेलवे की नौकरी छोड़कर प्रदेश में सेवा करना चाहती हैं रेणुका
रेणुका ठाकुर फिलहाल रेलवे में स्पोर्ट्स ऑफिसर के तौर पर कार्यरत हैं। इसके बावजूद उनका कहना है कि वह अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश में नौकरी का अवसर चाहती हैं। रेणुका की मांग है कि मुख्यमंत्री की ओर से की गई सरकारी नौकरी की घोषणा को पूरा किया जाए।
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खेल विभाग ने कहा- सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है
विवाद के बीच खेल विभाग की ओर से भी स्थिति स्पष्ट की गई है। स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के एडिशनल डायरेक्टर गौरव महाजन ने बताया कि विभाग की ओर से सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो विभाग की ओर से दूसरा प्रस्ताव भी भेजा जाएगा।
एशियन गेम्स के पुरस्कार को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जो दिशा-निर्देश जारी होंगे, विभाग उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा। यानी विभाग के स्तर पर मामला सरकार के निर्णय से जुड़ा हुआ है और अब यह देखना होगा कि रेणुका की एशियन गेम्स में टीम सदस्य के तौर पर पात्रता को लेकर सरकार क्या रुख अपनाती है।
नई खेल नीति के तहत इतना मिलेगा इनाम
| प्रतियोगिता | गोल्ड | सिल्वर | ब्रॉन्ज |
|---|---|---|---|
| ओलंपिक | ₹5 करोड़ | ₹3 करोड़ | ₹2 करोड़ |
| एशियाई खेल | ₹4 करोड़ | ₹2.5 करोड़ | ₹1 करोड़ |
| कॉमनवेल्थ गेम्स | ₹3 करोड़ | ₹2 करोड़ | ₹1 करोड़ |
