#अव्यवस्था
October 9, 2026
हिमाचल: अस्पताल में जच्चा बच्चा की मौ**त, पीछे छूटा 5 साल का मासूम; परिजनों ने देह लेने से किया इंकार
परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाए लापरवाही के आरोप, गिरफ्तारी पर अड़े
शेयर करें:

ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसव के दौरान 33 वर्षीय गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। गम और गुस्से में डूबे परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर रोष जताया और उपचार में लापरवाही के आरोप लगाते हुए संबंधित डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग उठाई। हालात बिगड़ते देख पुलिस बल को मौके पर तैनात करना पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
इस घटना ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। जिस घर में मां और नवजात के सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाई जा रही थी, वहां मातम छा गया। महिला की मौत से न केवल उसके पति और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, बल्कि उसके करीब पांच साल के मासूम बच्चे के सिर से भी मां का साया हमेशा के लिए उठ गया।
मृतका की पहचान 33 वर्षीय रीना देवी, पत्नी राजीव कुमार, निवासी अरनियाला क्षेत्र, ऊना के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रीना को प्रसव के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना लाया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि जल्द ही घर में नए सदस्य का आगमन होगा और खुशियां लौटेंगी, लेकिन कुछ ही समय में परिस्थितियां ऐसी बदलीं कि परिवार को दो जिंदगियों के खोने का दुख झेलना पड़ा।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : जच्चा-बच्चा मौ**त पर अस्पताल में हंगामा, डॉक्टर की गिरफ्तारी पर अड़े परिजन; लापरवाही के आरोप
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, महिला को अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा गया था। इसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। इसके बाद महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत की सूचना सामने आई। हालांकि, महिला की तबीयत किन परिस्थितियों में बिगड़ी और मौत का वास्तविक कारण क्या रहा, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
इस दर्दनाक घटना का सबसे मार्मिक पहलू रीना के पीछे छूट गया उसका करीब पांच साल का बच्चा है। जिस उम्र में बच्चे को मां की गोद, प्यार और देखभाल की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उसी उम्र में उसके सिर से मां का साया उठ गया। परिवार ने अस्पताल में जिस सुरक्षित प्रसव और खुशियों की उम्मीद की थी, वह पल देखते ही देखते गहरे दुख में बदल गया।
महिला के पति राजीव कुमार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं, परिवार की अन्य महिलाओं और रिश्तेदारों का भी दुख संभाले नहीं संभल रहा था। मृतका की सास भी अस्पताल परिसर में रोते-रोते बेहोश हो गईं। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और परिवार को सांत्वना देने के लिए रिश्तेदार तथा परिचित जुटने लगे।
मामला उस समय और भी गंभीर हो गया, जब परिजनों ने मृतक महिला का शव लेने से इंकार कर दिया, परिजनों का आरोप था कि जब तक आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, वह शव नही लेंगे, जिसके चलते अस्पताल में कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने स्थिति को संभाला और परिजनों से बात करने का प्रयास किया
महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत की खबर फैलते ही परिजन और अन्य लोग अस्पताल परिसर में एकत्रित हो गए। परिजनों ने उपचार के दौरान लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि उन्हें पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट जानकारी दी जाए और उपचार के दौरान क्या हुआ, इसका जवाब संबंधित डॉक्टर से मिलना चाहिए।
परिजन महिला डॉक्टर से सीधे बातचीत करने की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि, फिलहाल उपचार में लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और किसी की जिम्मेदारी जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही तय हो सकेगी।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। माहौल को देखते हुए अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : 60 हजार रिश्वत लेते पकड़ा पुलिस चौकी अफसर, कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा
परिजनों ने उपचार करने वाली डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग उठाई। उनका कहना था कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और परिवार को न्याय मिलना चाहिए। परिजन इस बात पर भी जोर देते रहे कि उन्हें उपचार के दौरान हुई घटनाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए।
मामले की गंभीरता और अस्पताल परिसर में तनाव को देखते हुए एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, एएसपी ऊना अजय राणा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और घटनाक्रम से संबंधित जानकारी हासिल की।
यह भी पढ़ें : चैंपियन बेटी को शादी के बाद भूली सुक्खू सरकार, पिता बोले- रितु नेगी को 1 करोड़ का इनाम क्यों नहीं?
परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों और उपचार के दौरान हुई घटनाओं की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल, महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत के वास्तविक कारणों तथा उपचार में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
इस घटना ने अस्पताल में प्रसव के दौरान मरीजों की सुरक्षा और उपचार की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, मौत के कारणों और उपचार के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
रीना की मौत से उसका परिवार गहरे सदमे में है। एक ओर पति ने अपनी जीवनसंगिनी को खो दिया, तो दूसरी ओर एक मासूम बच्चा मां के प्यार से हमेशा के लिए वंचित हो गया। परिवार जिस घर में मां और बच्चे की वापसी की खुशियां मनाने की उम्मीद कर रहा था, वहां अब मातम पसरा है। परिजन इस दर्दनाक घटना की सच्चाई सामने आने और न्याय मिलने का इंतजार कर रहे हैं।