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October 15, 2026

आधे-अधूरे शिमला-मटौर फोरलेन पर बढ़ाया टोल- 7 पंचायतों ने टैक्स देने से किया इनकार, बढ़ा विवाद

सात पंचायतों के प्रतिनिधियों का सामूहिक फैसला

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Ghatta Toll Plaza

कांगड़ा। शिमला-मटौर फोरलेन पर घट्टा टोल प्लाजा में बढ़ाई गई दरों को लेकर स्थानीय लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को रानीताल क्षेत्र की सात पंचायतों के जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों लोगों ने टोल प्लाजा पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। बैठक में फैसला लिया गया कि 15 अक्टूबर से संबंधित पंचायतों के वाहन चालक टोल शुल्क नहीं देंगे। 

काम अधूरा, वसूली पूरी

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनसे जबरन वसूली की गई तो वे टोल प्लाजा पर धरना देंगे और जरूरत पड़ने पर इसे बंद करने के लिए ताला लगाने का कदम भी उठा सकते हैं। इस संबंध में अधिकारियों को लिखित प्रस्ताव भी सौंपा गया।

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प्रदर्शन कर रहे पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि शिमला-मटौर फोरलेन का निर्माण अभी पूरी तरह संपन्न नहीं हुआ है। रियूंद पुल का काम अधूरा होने के बावजूद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कच्छियारी-भंगवार खंड पर पूरी दरों के हिसाब से टोल वसूली शुरू कर दी है। इससे आसपास के गांवों के लोगों को परेशानी और अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है।

सात पंचायतों के प्रतिनिधियों का सामूहिक फैसला

लोगों के मुताबिक, टोल दरों में पहली अक्टूबर से की गई बढ़ोतरी का लगातार विरोध किया जा रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन अब तक ठोस समाधान सामने नहीं आया है। इसी कारण सात पंचायतों रानीताल, तकीपुर, धमेड़, दौलतपुर, हार-जलाड़ी, भंगवार और जनयानकड़ के प्रतिनिधियों ने मिलकर टोल शुल्क नहीं देने का निर्णय लिया है।

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बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि स्थानीय लोगों को राहत देने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इसके बावजूद दरों में रियायत या छूट को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। ऐसे में अब सातों पंचायतों ने एकजुट होकर 15 अक्टूबर से टोल शुल्क नहीं देने का फैसला किया है।

सांसद ने 15 दिन में समाधान का दिया भरोसा

प्रदर्शन के दौरान कांगड़ा के सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज और स्थानीय विधायक पवन काजल भी मौके पर पहुंचे। पंचायत प्रतिनिधियों ने दोनों नेताओं के सामने टोल दरों में बढ़ोतरी और आसपास की पंचायतों के वाहन चालकों को राहत देने की मांग रखी। सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि घट्टा टोल प्लाजा के पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को शुल्क में छूट दिलाने के लिए वह केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात करेंगे।

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उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले 15 दिनों के भीतर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रयास किए जाएंगे। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष एवं विधायक पवन काजल ने कहा कि सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज के प्रयासों से कांगड़ा घाटी में रेल सेवा शुरू हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसी तरह उनके विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों को भी घट्टा टोल प्लाजा के पांच किलोमीटर के दायरे में राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

जबरन टोल वसूली पर धरने की चेतावनी

पंचायत प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों को दो सप्ताह का समय दिए जाने के बावजूद अब तक उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली है। तकीपुर, धमेड़, दौलतपुर, रानीताल, भंगवार, हार-जलाड़ी और जनयानकड़ पंचायतों के लोगों ने कहा कि यदि 15 अक्टूबर से उनके वाहनों से जबरन शुल्क वसूला गया तो वे सामूहिक रूप से धरना देंगे।

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प्रदर्शन में टैक्सी ऑपरेटरों, वरिष्ठ नागरिकों और पहल समाजसेवी संस्था के सदस्यों ने भी भाग लिया। फिलहाल, टोल दरों को लेकर स्थानीय लोगों और प्राधिकरण के बीच विवाद बना हुआ है। अब सभी की नजरें सांसद की ओर से प्रस्तावित केंद्रीय मंत्री से मुलाकात और अगले 15 दिनों में निकलने वाले संभावित समाधान पर टिकी हैं।

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