कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के ढगवार स्थित मिल्क प्लांट में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया-जब CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू अचानक औचक निरीक्षण पर पहुंच गए।
मिल्क प्लांट पहुंचे CM सुक्खू
बिना पूर्व सूचना के पहुंचे CM ने निर्माण कार्य का जायजा लिया और मौके पर ही अधिकारियों की जमकर क्लास लगा दी। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि करीब 225 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र का काम तय मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा और इसकी रफ्तार भी काफी धीमी है।
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CM ने लगाई अधिकारियों की क्लास
हालात देखकर मुख्यमंत्री ने सख्त नाराजगी जताई। एक वीडियो में वे साफ कहते सुनाई दिए-“मैंने तो ऑटोमैटिक कहा था, तो मैन्युअल क्यों लगाया?” इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तुरंत प्रभाव से काम बंद करने के निर्देश दिए।
काम पर लगाई रोक
CM ने दो टूक कहा कि सरकारी परियोजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और सभी तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।
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मिल्क प्लांट एक अहम परियोजना
यह मिल्क प्लांट प्रदेश की एक अहम परियोजना माना जा रहा है। शुरुआती चरण में इसकी क्षमता 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन रखी गई है, जिसे आगे बढ़ाकर 3 लाख लीटर तक किया जाएगा। यहां दूध से पनीर, मक्खन और आइसक्रीम जैसे उत्पाद तैयार होंगे।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार
इस परियोजना के शुरू होने से कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर और चंबा जिलों के किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। उनकी आय में बढ़ोतरी के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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प्रशासनिक अमले में हलचल तेज
सीएम के इस सख्त रुख के बाद प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि निर्माण कार्य दोबारा कब शुरू होगा और इसे तय समय सीमा में किस तरह पूरा किया जाएगा।
