#अव्यवस्था
June 4, 2026
सुक्खू सरकार ने गरीब परिवारों को दिया झटका- हिमकेयर योजना में बड़ा बदलाव, अब नहीं होंगे फ्री टेस्ट
योजना में बदलाव से लाभार्थियों की बढ़ी चिंता
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी हिमकेयर योजना को लेकर राज्य सरकार ने नए नियम लागू किए हैं। इन बदलावों के बाद योजना से जुड़े हजारों परिवारों के लिए कुछ सुविधाओं का स्वरूप बदल जाएगा।
सरकार ने योजना को अधिक व्यवस्थित बनाने और वित्तीय भार को संतुलित करने के उद्देश्य से कई चिकित्सा खर्चों को क्लेम की सूची से बाहर कर दिया है। हाल ही में CM सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई।
इसके साथ ही सरकार ने योजना के तहत लंबित भुगतानों के निपटारे के लिए 100 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया है, ताकि अस्पतालों और मरीजों को भुगतान संबंधी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
नई व्यवस्था के तहत सरकारी अस्पतालों में उपचार के दौरान होने वाले कई सामान्य खर्चों को हिमकेयर क्लेम से बाहर रखा गया है। इनमें अस्पताल में भर्ती होने से पहले लिया जाने वाला पंजीकरण शुल्क, सामान्य वार्ड में रहने का खर्च, नर्सिंग सेवाओं से जुड़े शुल्क तथा चिकित्सकों और सर्जनों की फीस शामिल हैं।
इसके अलावा ऑपरेशन के दौरान उपयोग होने वाली सुविधाएं, ऑक्सीजन, रक्त चढ़ाने की प्रक्रिया, ऑपरेशन थिएटर का उपयोग और विभिन्न प्रकार की जांचों पर होने वाला खर्च भी अब योजना के तहत प्रतिपूर्ति योग्य नहीं माना जाएगा। मरीजों को दिए जाने वाले भोजन और उपचार में प्रयुक्त अन्य सहायक सामग्री का खर्च भी लाभार्थियों को स्वयं वहन करना पड़ सकता है।
सरकार का कहना है कि जिन सेवाओं को क्लेम सूची से हटाया गया है, वे पहले से ही सरकारी अस्पतालों की नियमित व्यवस्था का हिस्सा हैं और उन पर होने वाला व्यय सरकारी स्तर पर वहन किया जाता है। ऐसे में एक ही खर्च के लिए दो बार भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार का मानना है कि इस कदम से योजना के संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा।
हिमकेयर कार्ड बनवाने और उसका नवीनीकरण करवाने वालों के लिए भी नई व्यवस्था लागू की गई है। अब यह प्रक्रिया पूरे वर्ष खुली नहीं रहेगी। निर्धारित समयावधि के दौरान ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
फिलहाल कार्ड पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए पोर्टल 30 जून तक खुला रखा गया है। भविष्य में मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर के दौरान ही आवेदन और नवीनीकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इससे विभाग को रिकॉर्ड और पात्रता की जांच करने में आसानी होगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। नए आवेदन या नवीनीकरण के समय लाभार्थियों को लिखित घोषणा देनी होगी कि परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी कर्मचारी या सरकारी पेंशनभोगी नहीं है।
हिमकेयर योजना के तहत आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जाती है। बीपीएल परिवार, मनरेगा से जुड़े श्रमिक, रेहड़ी-फड़ी विक्रेता, एकल महिलाएं, अनाथ बच्चे, दिव्यांगजन, मिड-डे मील कार्यकर्ता, आउटसोर्स कर्मचारी, अनुबंध कर्मचारी और दैनिक वेतनभोगी वर्ग के लोग योजना के प्रमुख लाभार्थियों में शामिल हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि एक ओर जहां योजना के नियमों को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएं बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार के अनुसार प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया जा रहा है, ताकि लोगों को इलाज करवाने के लिए हिमाचल से बाहर न जाना पड़े।
हिमकेयर योजना में हुए इन बदलावों का वास्तविक प्रभाव आने वाले महीनों में सामने आएगा। लाभार्थियों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई है कि नई व्यवस्था से इलाज के दौरान उनके खर्चों में कितना अंतर आएगा। वहीं सरकार का दावा है कि योजना को अधिक पारदर्शी, टिकाऊ और जरूरतमंद लोगों तक केंद्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।