#अव्यवस्था
May 30, 2026
वेतन नहीं तो काम नहीं... HRTC कर्मियों की चेतावनी; पहली को सैलरी नहीं मिली तो 2 को करेंगे चक्का जाम
हिमाचल पथ परिवहन कर्मचारियों ने खोला सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी परिवहन व्यवस्था पर बड़ा संकट मंडराने लगा है। समय पर वेतन नहीं मिलने से नाराज हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के चालक-परिचालक कर्मचारियों ने अब सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारी यूनियन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 1 जून तक कर्मचारियों के खातों में वेतन नहीं पहुंचा तो 2 जून से पूरे प्रदेश में बसों का चक्का जाम कर दिया जाएगा। यूनियन की इस दो टूक चेतावनी ने सरकार और निगम प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यदि बस सेवाएं ठप होती हैं तो इसका सीधा असर लाखों यात्रियों पर पड़ेगा।
शुक्रवार को शिमला में HRTC प्रबंधन और कर्मचारी यूनियन के बीच लंबी बैठक हुई, लेकिन कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। वार्ता विफल रहने के बाद यूनियन ने आंदोलन का ऐलान कर दिया। यूनियन नेताओं का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से सरकार और प्रबंधन को समय पर वेतन जारी करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी व्याप्त है।
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कर्मचारी यूनियन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब और इंतजार नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि यदि पहली जून तक वेतन का भुगतान नहीं किया गया तो दो जून से "वेतन नहीं तो काम नहीं" की नीति लागू कर दी जाएगी। ऐसी स्थिति में प्रदेशभर में HRTC की बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और हजारों बसें डिपो में ही खड़ी रह सकती हैं।
यूनियन का आरोप है कि कर्मचारियों का केवल वेतन ही नहीं, बल्कि कई अन्य वित्तीय लाभ भी लंबे समय से लंबित पड़े हैं। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों के नाइट ओवरटाइम का बड़ा भुगतान, एरियर की राशि और मेडिकल रीइंबर्समेंट से जुड़े करोड़ों रुपये अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। इससे कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि अन्य विभागों के कर्मचारियों को विभिन्न वित्तीय लाभ दिए जा चुके हैं, लेकिन HRTC कर्मियों को अभी तक राहत नहीं मिली है।
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यदि यूनियन अपनी चेतावनी पर अमल करती है तो प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। रोजाना लाखों लोग HRTC बसों के माध्यम से सफर करते हैं, जिनमें विद्यार्थी, कर्मचारी, व्यापारी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग शामिल हैं। बसों का संचालन बंद होने की स्थिति में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
संभावित आंदोलन को देखते हुए यूनियन ने निगम प्रबंधन को सलाह दी है कि आगामी दिनों के लिए बसों की एडवांस बुकिंग सोच-समझकर की जाए, ताकि यदि सेवाएं प्रभावित होती हैं तो यात्रियों को अनावश्यक दिक्कत न झेलनी पड़े। साथ ही यूनियन ने लंबित वित्तीय देनदारियों के भुगतान के लिए भी समयसीमा तय करने की मांग की है।
प्रदेश सरकार पहले से कई वित्तीय और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में HRTC कर्मचारियों की ओर से दी गई हड़ताल की चेतावनी सरकार के लिए नई मुश्किल खड़ी कर सकती है। अब सबकी नजरें सरकार और HRTC प्रबंधन पर टिकी हैं। यदि समय रहते कर्मचारियों की मांगों पर कोई समाधान नहीं निकला तो 2 जून से हिमाचल की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है और प्रदेशभर में बसों के पहिए थम सकते हैं।