#अव्यवस्था
June 2, 2026
हिमाचल पंचायत चुनाव हारी पत्नी, गुस्साए पति ने गांव का रास्ता किया बंद- रातभर चला 'ड्रामा'
इस ड्रामे के बाद रातभर स्थानीय लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी
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मंडी। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनावों की सरगर्मियां भले ही थम चुकी हों। मगर चुनाव परिणामों के बाद अब कई दिलचस्प और हैरान कर देने वाले मामले सामने आ रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला मंडी जिले के बल्ह विधानसभा क्षेत्र से सामने आया है। जहां पत्नी की हार पर पति का गुस्सा फूट पड़ा। चुनावी हार से नाराज व्यक्ति ने रात के समय गांव को जाने वाला रास्ता ही बंद कर दिया।
मामला नई गठित टिक्करकलां पंचायत का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पंचायत चुनाव में एक महिला ने BDC सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिल सकी। चुनाव परिणाम आने के बाद उनके पति ने नाराजगी में ऐसा कदम उठा लिया, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों के मुताबिक देर रात उक्त व्यक्ति ने टिक्कर से नौण गांव को जोड़ने वाले रास्ते पर लकड़ियां और तख्ते रखकर आवागमन बाधित कर दिया। रास्ता बंद होने के कारण रात के समय आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ लोगों ने उसे समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ा रहा।

बताया जा रहा है कि चुनाव हारने वाली महिला पहले वार्ड सदस्य रह चुकी है और इस बार उन्होंने BDC पद के लिए चुनाव लड़ा था। चुनाव में हार मिलने के बाद परिवार में नाराजगी का माहौल था। इसी बीच महिला के पति ने कथित तौर पर शराब के नशे में यह कदम उठा लिया।
रास्ता बंद होने की सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने नवनिर्वाचित पंचायत प्रधान सुरेश शर्मा को मामले से अवगत कराया। इसके बाद स्थिति पर नजर रखी गई और अगले दिन सुबह संबंधित व्यक्ति ने स्वयं ही रास्ते से लकड़ियां और तख्ते हटाकर मार्ग खोल दिया।
पंचायत प्रधान सुरेश शर्मा ने बताया कि संबंधित व्यक्ति पहले भी नशे की हालत में इस तरह की हरकतें कर चुका है। उन्होंने कहा कि उसे समझाया गया, जिसके बाद उसने रास्ता खोल दिया। प्रधान ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में दोबारा ऐसी घटना होती है तो उसके खिलाफ संबंधित विभागों और प्रशासन को शिकायत भेजी जाएगी।
गांव में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव में हार-जीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और किसी भी परिणाम को शांतिपूर्वक स्वीकार करना चाहिए। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी और गांव का माहौल सामान्य बना रहेगा।