शिमला। हिमाचल प्रदेश में हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनरों को हर माह अपनी पेंशन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। पेंशनरों को समय पर पेंशन न मिलने से नाराज़गी बढ़ती जा रही है। सितंबर का महीना खत्म होने को है, लेकिन अब तक करीब 8 हजार पेंशनरों को उनकी पेंशन नहीं मिली। आर्थिक तंगी और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशान इन बुजुर्गों ने शिमला में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

एक साल से समय पर नहीं मिल रही पेंशन

पेंशनरों का कहना है कि यह स्थिति पिछले एक साल से लगातार बनी हुई है। हर महीने पेंशन में देरी हो रही है, जिससे दवाइयों, घरेलू खर्चों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाना मुश्किल हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी और झूठे आश्वासनों का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सीएम सुक्खू ने हर माह की 10 तारीख को पेंशनरों को पेंशन देने का वादा किया था, लेकिन महीने के अंतिम दिनों में भी पेंशन नहीं मिल रही है।

 

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सितंबर की 26 तारीख तक भी नहीं मिली पेंशन

हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन पेंशनर कल्याण संघ के राज्याध्यक्ष देवराज ठाकुर ने कहा कि पिछले महीने 30 तारीख को पेंशन जारी हुई थी, इस बार 26 तारीख बीत गई है लेकिन अब तक पेंशन नहीं आई। दो साल से मेडिकल बिलों का भुगतान लंबित है। डीए और एरियर का भी कोई निपटारा नहीं हुआ है। यहां तक कि मार्च 2024 के बाद सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को आज तक पेंशन की पहली किस्त भी नहीं मिली।

 

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वृद्धावस्था में पेंशन के लिए कर रहे संघर्ष

ठाकुर ने आगे कहा कि जीवनभर की नौकरी के बाद वृद्धावस्था में पेंशनरों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। सरकार लगातार आश्वासन देती है, लेकिन हकीकत यह है कि बुजुर्ग कर्मचारियों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। अगर जल्द ही पेंशन जारी कर आगे की निश्चित तारीख तय नहीं की गई, तो पेंशनर आंदोलन को और तेज करेंगे तथा सचिवालय का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

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सरकार को दी चेतावनी

पेंशनरों का कहना है कि उनकी उम्र अब आराम करने की है, लेकिन हालात ऐसे हो गए हैं कि उन्हें अपने अधिकार के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार को इस मुद्दे को प्राथमिकता पर सुलझाना होगा, अन्यथा बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। 

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