#अव्यवस्था
May 20, 2026
हिमाचल : पंचायत में OBC परिवार ही नहीं... फिर भी प्रधान पद किया रिजर्व, प्रशासन की गलती- चुनाव कैंसिल
इससे पहले भी हो चुकी है इस तरह की चूक
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सोलन। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज चुनाव में आरक्षण रोस्टर को लेकर प्रशासन की एक बड़ी चूक सामने आई है। जहां पंचायत में ओबीसी वर्ग का एक भी परिवार नहीं होने के बावजूद प्रधान पद को ओबीसी महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया। इसके चलते प्रधान पद के लिए कोई नामांकन दाखिल नहीं हो पाया और चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो गई। ग्रामीणों ने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ ब्लॉक की बुआसनी पंचायत से सामने आया है। पंचायत में प्रधान पद को ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया, जबकि पूरे पंचायत क्षेत्र में ओबीसी समुदाय का एक भी परिवार नहीं रहता।
बताया जा रहा है कि यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले वर्ष 2005 और 2010 में भी इसी पंचायत का प्रधान पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित किया गया था। उस समय भी पंचायत में पात्र परिवार न होने के कारण चुनाव समय पर नहीं हो पाए थे और बाद में अलग से चुनाव करवाने पड़े थे। तब पंचायत का कामकाज उप प्रधान के जरिए चलाया गया था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन बिना सही जांच-पड़ताल के रोस्टर तैयार कर रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कुछ समय पहले उपायुक्त सोलन से मिलकर पंचायत को अनारक्षित करने की मांग भी उठाई थी,
लेकिन इसके बावजूद फिर से वही श्रेणी लागू कर दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि इससे चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों की उम्मीदें टूट गई हैं।
ग्रामीणों ने इस मामले को प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं। वहीं, नालागढ़ के खंड विकास अधिकारी अरविंद कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। यदि पंचायत में ओबीसी परिवार नहीं हैं, तो स्थिति की जांच कर दोबारा चुनाव प्रक्रिया करवाई जाएगी।