मंडी। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार प्रदेश की ग्राम पंचायतों में तैनात पंचायत चौकीदारों से 25 रुपए की रिकवरी कर रही है। प्रदेश सरकार ने मार्च 2024 में पंचायत चौकीदारों के मानदेय में 25 रुपए की बढ़ोतरी की थी, लेकिन अब प्रदेश सरकार पंचायत चौकीदारों से यह 25 रुपए वापस मांग रही है। जिसको लेकर पंचायत चौकीदार संघ भड़क गया है। 

रिकवरी पर भड़का पंचायत चौकीदार संघ

25 रुपए की रिकवरी को लेकर जिला मंडी पंचायत चौकीदार संघ ने एक महत्वपूर्ण बैठक आज रविवार को ऐतिहासिक माता भीमाकाली मंदिर परिसर में आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष घनश्याम ठाकुर ने की। बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा पंचायत चौकीदारों के वेतन से की जा रही रिकवरी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

 

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मार्च 2024 में बढ़ाया था 25 रुपए मानदेय

संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि मार्च 2024 में प्रदेश सरकार ने दिहाड़ीदार पंचायत चौकीदारों के दैनिक वेतन में 25 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जिसका लाभ चौकीदारों को मिलना भी आरंभ हो गया था। लेकिन अब लगभग एक वर्ष बाद सरकार ने इस बढ़ोतरी की राशि की वसूली के आदेश जारी कर दिए हैं।

प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा चौकीदार क्यों भुगतें

जिलाध्यक्ष घनश्याम ठाकुर ने बताया कि जब इस मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो पंचायती राज विभाग की ओर से कहा गया कि यह बढ़ोतरी बिना किसी आधिकारिक अधिसूचना के लागू कर दी गई थी, इसलिए अब उसकी वसूली की जा रही है। चौकीदार संघ ने इस स्थिति को सरकार की प्रशासनिक लापरवाही करार दिया और वेतन वसूली के आदेशों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की।

 

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सेवाकाल और नियमितीकरण की भी उठाई मांग

बैठक में यह भी मांग की गई कि पंचायत चौकीदारों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा को 58 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष किया जाए। इसके अतिरिक्त जिन चौकीदारों ने 12 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें नियमित करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। चौकीदारों का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें उचित अधिकार और स्थायित्व नहीं मिल रहा है।

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संघ के सचिव राजकुमार ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अब यह समझना मुश्किल हो गया है कि प्रदेश सरकार को मुख्यमंत्री चला रहे हैं या पंचायती राज विभाग के कुछ अधिकारी, जो अपनी मनमानी से आदेश जारी कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यदि सरकार ने समय रहते चौकीदारों की मांगों पर विचार नहीं किया, तो संघ न सिर्फ कानूनी कार्रवाई करेगा बल्कि प्रदेशव्यापी आंदोलन की भी रूपरेखा तैयार करेगा।

संघ का चेतावनी भरा संदेश

संघ ने प्रदेश सरकार और संबंधित विभागों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि पंचायत चौकीदारों की लंबे समय से अनदेखी की जा रही है, जो अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया, तो पंचायत चौकीदार संघ उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा। जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।

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