कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में आपदा बनकर बरस रही बारिश ने सबकुछ तहस-नहस कर दिया है। इस आपदा से कुल्लू जिले की सड़कें और बिजली भी बाधित हुई है। इसी बीच कुल्लू के उपमंडल आनी में दूध की नदी बहती दिखी है। इसका एक वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है। बारिश से आई आपदा और खड्ड में बहता दूध आपस में कैसे जुड़े हुए हैं। आइए जानते हैं।
सड़कें पड़ी हैं बंद, बिजली बाधित
बीते कई दिनों से हिमाचल के मौसम ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर रखा है। इसी कड़ी में कुल्लू जिले में कई सड़कें बंद हैं। कई इलाकों में बिजली की समस्या हो रही है। नदी में दूध बहाने के पीछे भी यही दो कारण सामने आए हैं।
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चिलिंग प्लांट में नहीं थी बिजली
कराना में दुग्ध समिति ने किसानों से दूध लिया था। दूध को चिलिंग प्लांट हरिपुर भेजा गया। जानकारी मिली की चिलिंग प्लांट में बिजली की समस्या थी जिससे चिलिंग मशीनें काम नहीं कर रही थी और जब बिजली आई तो दूध में वसा की मात्रा अधिक पाई गई।
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खड्ड में बहाया गया खराब दूध
दूध में वसा की अधिक मात्रा होने से दूध आगे वितरित नहीं किया जा सकता था। इसी वजह से सभी किसानों को उनके दूध से भरे बर्तन वापिस कर दिए गए। किसानों ने इस खराब दूध को कराना खड्ड में में बहा दिया।
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2000 लीटर दूध हुआ था खराब
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि किसान भाई दूध को बहा रहे हैं। इसी दूध की वजह से पानी सफेद दिख रहा था जिसने लोगों का ध्यान इस ओर खींचा। खोजबीन करने पर पता चला कि 2000 लीटर दूध खराब हो गया था।
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सड़क बिजली देखकर ही लें दूध
मिल्क फेडरेशन के चेयरमैन ने सोसाइटियों से कहा है कि सड़क और बिजली की हालत देखकर ही किसानों से दूध लें क्योंकि सड़कें बाधित होने से दूध समय पर चिलिंग प्लांट नहीं पहुंच पा रहा। इससे मिल्क फेडरेशन और किसानों दोनों को नुकसान हो रहा है।
