शिमला। हिमाचल पुलिस महकमे में इन दिनों एक प्रशासनिक आदेश चर्चा का विषय बना हुआ है। बार-बार अवकाश पर जाने को लेकर एक युवा महिला IPS अधिकारी पर सख्ती दिखाई गई है। मामला छुट्टी लेने के अधिकार से ज्यादा, विभागीय कामकाज पर उसके असर से जुड़ा बताया जा रहा है।

किस अधिकारी से जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला आईपीएस अधिकारी अदिति सिंह से संबंधित है, जो मूल रूप से मेरठ की रहने वाली हैं। वर्तमान में वे स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (SV&ACB), नॉर्दर्न रेंज, धर्मशाला में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद पर तैनात हैं। बताया जा रहा है कि पिछले तीन महीनों के दौरान उन्होंने कुल 24 दिन का अवकाश लिया, जिससे कार्यालयीन कार्य प्रभावित हुआ।

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डीजीपी का आदेश क्या कहता है

हिमाचल पुलिस के डीजीपी अशोक तिवारी की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि अधिकारी के बार-बार अवकाश पर रहने से उनके कार्यालय के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।

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आदेश के अनुसार, प्रशासनिक सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए ASP बी.डी. भाटिया को उनके पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। यह कदम विभागीय कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया बताया गया है।

3 महीनों में 24 दिन छुट्टी

आदेश में अवकाश की तिथियों का भी उल्लेख किया गया है। जानकारी के अनुसार:

  • 8 जनवरी से 11 जनवरी तक दो दिन कैजुअल लीव
  • इसके बाद दो दिन सिक लीव
  • 12 जनवरी को एक दिन का अवकाश
  • 16 जनवरी से 19 जनवरी के बीच तीन दिन का अवकाश
  • एक दिन अतिरिक्त सिक लीव
  • 8 फरवरी से 22 फरवरी तक 13 दिन का अर्जित अवकाश
  • इसके बाद दो दिन और सिक लीव

इन अवकाशों को मिलाकर तीन माह के भीतर कुल 24 दिन की छुट्टी दर्ज की गई।

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प्रशासनिक संकेत क्या हैं

किसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का कार्यभार उनके जूनियर अधिकारी को सौंपा जाना आमतौर पर एक प्रशासनिक संदेश माना जाता है। हालांकि आदेश में अनुशासनात्मक कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, लेकिन विभागीय हलकों में इसे सख्त संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अब इस मामले पर आगे क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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