मंडी। सराज में भारी बारिश के बीच लोक निर्माण विभाग (PWD) की कथित लापरवाही से लम्बाथाच-कल्हणी सड़क करीब 12 घंटे तक बंद रही। सड़क पर भूस्खलन के बाद मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इस दौरान HRTC की दो बसों समेत कई वाहन रास्ते में फंसे रहे और करीब 150 यात्रियों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी। इनमें महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और इलाज के लिए जा रहे मरीज भी शामिल थे। जब काफी देर तक विभाग की ओर से कोई मदद नहीं पहुंची तो यात्रियों और स्थानीय लोगों ने खुद ही गैंती-बेलचे उठाकर मलबा हटाया, जिसके बाद सड़क पर यातायात बहाल हो सका।
सूचना देने के बाद भी घंटों नहीं पहुंची विभाग की टीम
स्थानीय लोगों के मुताबिक, रविवार सुबह सड़क बंद होने की जानकारी लोक निर्माण विभाग को दे दी गई थी। लोगों का आरोप है कि सूचना मिलने के करीब चार घंटे बाद तक विभाग की ओर से न कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचा और न ही मलबा हटाने के लिए मशीनरी भेजी गई। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
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बसों में बच्चे, बुजुर्ग और मरीज भी फंसे
सड़क बंद होने के कारण दूध की गाड़ियां, निजी वाहन और एचआरटीसी की दो बसें भी फंस गईं। बताया जा रहा है कि दोनों बसों में करीब 150 यात्री सवार थे। इनमें महिलाएं, छोटे बच्चे, बुजुर्ग और इलाज के लिए जिला मुख्यालय जा रहे मरीज भी शामिल थे। यात्रियों को कई घंटे तक जंगल के बीच सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा।
जब मदद नहीं आई तो यात्रियों ने खुद संभाला मोर्चा
काफी देर तक विभाग की ओर से कोई मदद नहीं मिलने पर यात्रियों और स्थानीय लोगों ने खुद ही सड़क खोलने का फैसला किया। पास के गांव से गैंती, बेलचा और दूसरे औजार मंगवाए गए। इसके बाद लोगों ने मिलकर सड़क पर पड़े मलबे और पत्थरों को हटाना शुरू कर दिया।
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आधे घंटे की मेहनत के बाद खुला रास्ता
लोगों की करीब आधे घंटे की मेहनत के बाद सड़क से मलबा हटाया जा सका और वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। इसके बाद फंसी हुई HRTC बसों समेत दूसरे वाहन भी अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। बताया गया कि यात्री और वाहन करीब 12 घंटे तक सड़क खुलने का इंतजार करते रहे।
लोगों ने कहा- बरसात में पहले से होनी चाहिए मशीनरी की व्यवस्था
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में इस सड़क पर भूस्खलन का खतरा बना रहता है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग को पहले से ही यहां मशीनरी और कर्मचारियों की व्यवस्था रखनी चाहिए, ताकि सड़क बंद होने पर उसे जल्द खोला जा सके।
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लोगों ने जांच और कार्रवाई की मांग उठाई
यात्री दीवान चंद, बेसर राम, भोप सिंह, बृज लाल, लेसर सिंह और चामरू समेत अन्य लोगों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सड़क बंद होने की सूचना समय पर देने के बावजूद विभाग ने तुरंत कार्रवाई नहीं की। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अगर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
