#अव्यवस्था
September 7, 2026
हिमाचल के सरकारी अस्पताल में डेढ़ वर्षीय मासूम की मौ**त, डॉक्टरों पर आरोप- जमकर हुआ हंगामा
शाम चार बजे अस्पताल पहुंचे परिजन, 5:30 बजे भर्ती हुई मासूम
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा में डेढ़ साल की मासूम की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है। माता-पिता अपनी बच्ची को बेहतर इलाज की उम्मीद में अस्पताल लेकर पहुंचे थे, लेकिन कुछ घंटों बाद उन्हें वही बच्ची बेजान हालत में मिली। बच्ची की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
मामला चंबा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का है। रविवार को उपचार के दौरान डेढ़ वर्षीय बच्ची कृतिका की मौत हो गई। बच्ची चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत सेईकोठी के नरवाड़ गांव की रहने वाली थी।
बच्ची के पिता कुलदीप सिंह ने बताया कि कृतिका की छाती जाम थी और उसमें खून की कमी के लक्षण दिखाई दे रहे थे। परिवार ने बेहतर और जल्द उपचार की उम्मीद में उसे नागरिक अस्पताल तीसा के बजाय मेडिकल कॉलेज चंबा लाने का फैसला किया।
परिजनों के मुताबिक, वे रविवार शाम करीब चार बजे बच्ची को लेकर मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचे थे। उनका आरोप है कि बच्ची को तुरंत भर्ती नहीं किया गया और करीब शाम 5:30 बजे उसे एडमिट किया गया।
भर्ती करने के बाद परिजनों को बच्ची का x-ray करवाने के लिए भेजा गया। पिता का आरोप है कि x-ray करवाने की जगह पर कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं मिला। इसके बाद दो अन्य जांच करवाने के लिए कहा गया और इन जांचों के लिए उन्हें निजी लैब जाना पड़ा।
परिजनों के अनुसार, जब वे निजी लैब से जांच करवाकर वापस अस्पताल पहुंचे तो स्टाफ ने बच्ची को भाप देने और इंजेक्शन लगाने की बात कही। बच्ची के पिता का आरोप है कि आपातकालीन कक्ष में उस समय कोई विशेषज्ञ या वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद नहीं था। उनके मुताबिक, वहां इंटर्न डॉक्टरों के भरोसे व्यवस्था चल रही थी।
कुलदीप सिंह का आरोप है कि बच्ची करीब पौने घंटे तक परेशान होती रही, लेकिन उसे देखने के लिए कोई डॉक्टर नहीं आया। उनका दावा है कि बच्ची के दम तोड़ने से करीब 15 मिनट पहले एक डॉक्टर उसे देखने पहुंचे। परिजनों के अनुसार, बच्ची को इंजेक्शन लगाया गया और भाप दी गई। इसके कुछ ही देर बाद बच्ची पूरी तरह अचेत हो गई और उसकी मौत हो गई।
मासूम की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग उठाई। परिजनों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इस घटना के बाद चंबा मेडिकल कॉलेज की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि अगर बच्ची को समय पर उचित उपचार मिलता तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी।
हालांकि, बच्ची की मौत की वास्तविक वजह क्या रही और इलाज के दौरान किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल परिजन पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।