लाहौल-स्पीति। हिमाचल प्रदेश इन दिनों आपदा की मार झेल रहा है। जिसके चलते तमाम विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को जनता की मूलभूत सुविधाएं देने के लिए उनकी छुट्टियां तक रद्द कर दी गई हैं। मगर इस बीच जिला लाहौल-स्पीति में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य विद्युत बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी को निलंबित कर दिया है।
प्रशासन को सूचित किए बिना रहे नदारद
जानकारी के अनुसार, कार्यकारी अभियंता विजय कुमार ठाकुर को अपनी जिम्मेदारियों से लापरवाही बरतने और एक महिला अधिकारी से अभद्र व्यवहार करने के आरोपों के चलते निलंबित किया गया है। बताया जा रहा है कि, विजय ठाकुर लगभग एक माह तक बिना प्रशासन को सूचित किए ड्यूटी से नदारद रहे।
यह भी पढ़ें : फिर बढ़ा पौंग डैम का जलस्तर, कई इलाकों में बाढ़ आने का खतरा- रहें सतर्क
उनकी तैनाती केलांग में थी, लेकिन वे इस दौरान मनाली में ही रुके रहे। जिले में लगातार प्राकृतिक आपदाओं से हालात बिगड़े हुए थे और बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी, जिससे अस्पतालों, घरों और राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही थीं। इसके बावजूद वे समय पर कार्यस्थल पर रिपोर्ट नहीं कर रहे थे।
उपायुक्त ने जारी किए निलंबन के आदेश
प्रशासन ने जब उन्हें एक सितंबर को तत्काल ड्यूटी ज्वाइन करने का आदेश दिया, तब भी उन्होंने इसे अनदेखा किया। मंगलवार को भी उन्होंने आपदा की स्थिति का हवाला देकर ड्यूटी पर आने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही उनके खिलाफ एक महिला अधिकारी से कथित दुर्व्यवहार की शिकायत भी दर्ज हुई है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : पहाड़ी के मलबे में दबे 7 लोग, काफी देर तक चिल्लाने की आई आवाजें- फिर पसरा सन्नाटा
इन परिस्थितियों को देखते हुए उपायुक्त किरण भड़ाना ने उन्हें निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि आपदा प्रबंधन जैसे संवेदनशील समय में किसी भी अधिकारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदेश में लागू है आपदा प्रबंधन अधिनियम
गौरतलब है कि, प्रदेश में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम (NDMA) लागू किया गया है, जिसके तहत जिला प्रशासन को यह अधिकार है कि वह आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारियों को छुट्टी देने से इनकार कर सकता है और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कर सकता है।
