मंडी। हिमाचल प्रदेश में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन मंडी जिले से सामने आई एक तस्वीर ने इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-154 (मंडी-पठानकोट) पर गवाली से घटासनी तक चल रहे सड़क अपग्रेडेशन कार्य का एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है, जिसमें तेज बारिश के बीच ही सड़क पर कोलतार बिछाया जा रहा है।
विक्रमादित्य के विभाग पर उठे सवाल
यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि प्रदेश सरकार के तेज-तर्रार मंत्री विक्रमादित्य सिंह अक्सर अपने सोशल मीडिया पर सड़कों के निर्माण और उनकी गुणवत्ता को लेकर तस्वीरें और दावे साझा करते रहे हैं। लेकिन मंडी से सामने आया यह वीडियो उनके इन दावों की हकीकत को सवालों के घेरे में ला रहा है।
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बारिश में टारिंग, गुणवत्ता पर बड़ा सवाल
स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क निर्माण के नियमों के तहत कोलतार बिछाने का कार्य साफ और सूखे मौसम में किया जाता है। यहां तक कि शाम ढलने के बाद भी यह काम नहीं किया जाता, ताकि गुणवत्ता बनी रहे। लेकिन मंडी में लगातार हो रही बारिश के बीच ही टारिंग कर दी गई, जिसे ग्रामीण खानापूर्ति बता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बीते तीन सप्ताह तक मौसम पूरी तरह साफ रहा, लेकिन उस दौरान कंपनी ने टारिंग नहीं की। उल्टा पुरानी सड़क को उखाड़कर लोगों की परेशानी बढ़ा दी गई। अब जब लगातार बारिश हो रही है, तब जल्दबाजी में सड़क बनाई जा रही है।
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रात के अंधेरे में भी निर्माण कार्य
मामला यहीं नहीं थमता। कोटरोपी और कसयाण नाला के पास कलवर्ट निर्माण का काम रात के समय किए जाने के आरोप भी लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अंधेरे में कंक्रीट डाली जा रही है] जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर और संदेह गहरा गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य पूरी तरह मनमाने तरीके से हो रहा है। मौके पर न तो एनएचएआई का कोई अधिकारी नजर आता है और न ही संबंधित विभाग का कोई प्रतिनिधि। हिमाचल लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी मौके पर नजर नहीं आए। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
ग्रामीण रमेश चौहान, प्रभाव सिंह, आरजे रवि, ओम प्रकाश, धर्म सिंह, गिरधारी लाल, नेत्र सिंह, सुरेश कुमार, हरीश कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने इस 'लीपापोती' के खिलाफ एसडीएम पद्धर को लिखित शिकायत सौंपी है। ग्रामीणों ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि इस घटिया निर्माण की उच्चस्तरीय जांच नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
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क्या बोले अधिकारी?
एसडीएम पद्धर सुरजीत सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि ग्रामीणों की शिकायत मिली है और इसकी पूरी जांच करवाई जाएगी। यदि मानकों की अनदेखी पाई गई, तो संबंधित निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अब देखना यह होगा कि सड़कों की गुणवत्ता का दम भरने वाले मंत्री विक्रमादित्य सिंह इस खुली लापरवाही पर क्या कड़ा संज्ञान लेते हैं या फिर यह मामला भी बारिश के पानी की तरह बह जाएगा।
