#अव्यवस्था
June 15, 2026
हिमाचल की सड़कों पर कट रहा पर्यटकों का वीकेंड, 8 से 10 KM लंबे जाम में परेशान हो रहे लोग
हिमाचल की सड़कों पर लग रहा महाजाम, पर्यटकों सहित स्थानीय लोग भी हो रहे परेशान
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में इन दिनों मौसम बेहद सुहावना बना हुआ है। पहाड़ों की ठंडी हवाएं, हरियाली से लदे पर्वत और मनमोहक वादियां देशभर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में सैलानी इन दिनों हिमाचल का रुख कर रहे हैं। लेकिन पहाड़ों में सुकून और प्रकृति का आनंद लेने पहुंचे पर्यटकों की छुट्टियां अब सड़कों पर ही गुजर रही हैं।
राजधानी शिमला से लेकर पर्यटन नगरी मनाली तक सड़कों पर वाहनों का ऐसा दबाव बढ़ा है कि कई स्थानों पर 8 से 10 किलोमीटर तक लंबे ट्रैफिक जाम लग रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कुछ मिनटों का सफर तय करने में लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
शिमला में सोमवार को ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आई। शहर के प्रमुख मार्गों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वाहन इतनी धीमी गति से आगे बढ़ रहे थे कि लोगों को दो मिनट का सफर पूरा करने में करीब दो घंटे तक का समय लग गया। संजौली, ढली, भट्टाकुफर, नवबहार, कुफरी और छराबड़ा मार्ग पर वाहनों की लंबी लाइनें दिखाई दीं। कई जगहों पर वाहन चालक घंटों तक जाम में फंसे रहे और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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ट्रैफिक जाम का सबसे ज्यादा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ा। स्कूल जाने वाले बच्चे समय पर शिक्षण संस्थानों तक नहीं पहुंच सके, जबकि नौकरीपेशा और कामकाजी लोगों को भी घंटों देरी झेलनी पड़ी। वहीं दूसरी ओर, पहाड़ों की खूबसूरती देखने पहुंचे पर्यटक भी जाम में फंसकर परेशान नजर आए। कई परिवारों का पूरा दिन सड़क पर ही बीत गया। लोगों का कहना है कि पर्यटन सीजन के दौरान यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
जानकारों के अनुसार शिमला पहुंचने वाले अधिकांश पर्यटक कुफरी, फागू, नारकंडा और आसपास के पर्यटन स्थलों का रुख करते हैं। ऐसे में ढली चौक और ढली सब्जी मंडी क्षेत्र पर वाहनों का दबाव सबसे ज्यादा बढ़ जाता है। सोमवार को भी सुबह से ही इस क्षेत्र में ट्रैफिक का दबाव बढ़ता गया और देखते ही देखते जाम कई किलोमीटर तक फैल गया। वाहनों की कतारें छराबड़ा से संजौली और भट्टाकुफर तक दिखाई दीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ढली क्षेत्र में सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े वाहन भी जाम की बड़ी वजह बन रहे हैं। सड़क का बड़ा हिस्सा पार्क किए गए वाहनों से घिर जाने के कारण यातायात प्रभावित होता है और थोड़ी सी अतिरिक्त भीड़ भी बड़े जाम में बदल जाती है। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह समेत अन्य कार्यक्रमों के कारण भी वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी हुई, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।
जाम के कारण कई एम्बुलेंस भी घंटों तक वाहनों के बीच फंसी रहीं। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पर्यटन सीजन शुरू होने के बावजूद ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर पर्याप्त तैयारी दिखाई नहीं दे रही है। लोगों ने प्रशासन से संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और बेहतर यातायात प्रबंधन की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।
केवल शिमला ही नहीं, बल्कि मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सुबह के समय वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। पर्यटन सीजन के चलते मनाली और कुल्लू की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हालांकि बाद में यातायात कुछ हद तक सामान्य हुआ, लेकिन सुबह के समय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
हिमाचल की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है और हर साल लाखों पर्यटक यहां पहुंचते हैं। लेकिन बढ़ती पर्यटक संख्या के साथ ट्रैफिक प्रबंधन अब सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में शिमला, मनाली, कुफरी, नारकंडा और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जाम की समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। फिलहाल हालात यह हैं कि लोग पहाड़ों की खूबसूरती से ज्यादा सड़कों पर लगी वाहनों की लंबी कतारों को देखने को मजबूर हैं।