मंडी। हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसी बीच मंडी जिले के सराज विधानसभा क्षेत्र के दुर्गम इलाके बगड़ा थाच में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है।
13KM पैदल चलकर पहुंचाया शव
भारी बर्फबारी और बंद सड़कों के बीच ग्रामीणों ने 13 किलोमीटर तक पैदल चलकर शव को कंधों पर उठाया और CHC गाड़ागुशैनी पहुंचाया, जहां रविवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो सकी। यह घटना एक बार फिर आपदा के समय दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की हकीकत को उजागर करती है।
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बर्फ पर फिसलने से हुई थी मौत
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत घाट के गांव थनवाड़ी निवासी खोद राम (63) शुक्रवार को अपनी बहन के घर बगड़ा थाच गए थे। इसी दौरान रास्ते में बर्फ जमी होने के कारण उनका पैर फिसल गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
प्रशासन पहुंचा, लेकिन सड़कें बनीं बाधा
पहाड़ी इलाके और लगातार हो रही बर्फबारी के चलते हालात और भी कठिन हो गए। शनिवार को राजस्व विभाग के कर्मचारी बर्फबारी के बावजूद मौके पर पहुंचे, लेकिन सड़कें पूरी तरह अवरुद्ध होने के कारण शव को वाहन से अस्पताल तक ले जाना संभव नहीं हो पाया।
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पोस्टमार्टम नहीं हो सका और परिजनों को एक और दिन इंतजार करना पड़ा। तीसरे दिन पंचायत प्रतिनिधियों, परिजनों और स्थानीय लोगों ने विभागीय अधिकारियों से सड़क बहाल करने की बार-बार गुहार लगाई, लेकिन भारी बर्फबारी के चलते मशीनों का पहुंच पाना भी मुश्किल रहा।
मजबूरी में पैदल उठाया शव
सड़क न खुल पाने और समय बीतने के कारण अंततः ग्रामीणों ने कठिन लेकिन जरूरी फैसला लिया। रविवार को परिजन, पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीणों ने शव को कंधों पर उठाया और बर्फ से ढके दुर्गम रास्तों से होते हुए करीब 13 किलोमीटर पैदल चलकर CHC गाड़ागुशैनी तक पहुंचाया। वहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।
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बर्फ की मोटी परत जमी
प्रशासन की प्रतिक्रिया और राहत
एसडीएम थुनाग संजीत शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार को 25 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई है।
वहीं, लोक निर्माण विभाग मंडल जंजैहली के अधिशासी अभियंता नितेश कुमार ने कहा कि क्षेत्र में बहुत बर्फबारी हुई है। सड़कों को बहाल करने के लिए मशीनें तैनात की गई हैं, लेकिन बगड़ा थाच और छतरी से गाड़ागुशैनी सड़क पर बर्फ की मोटी परत जमने के कारण तत्काल बहाली संभव नहीं हो सकी।
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ग्रामीणों का आरोप-हमारी नहीं सुनी गई
उधर, उपप्रधान ग्राम पंचायत बगड़ा थाच रोहित ठाकुर और पंचायत समिति सदस्य संतोष कुमार ने लोक निर्माण विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि प्रभावित परिवार की मजबूरी को नजरअंदाज किया गया।
मृतक की बहन हेती देवी ने दर्द भरे शब्दों में कहा कि “हमें अपने भाई के शव को 13 किलोमीटर तक कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ा। बर्फबारी से सड़कें बंद थीं, लेकिन विभाग ने हमारी एक नहीं सुनी।”
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सवालों के घेरे में व्यवस्थाएं
यह घटना पहाड़ी और दूरदराज़ इलाकों में आपदा प्रबंधन, सड़क बहाली और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। बर्फबारी के मौसम में ऐसे क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और त्वरित राहत तंत्र की जरूरत एक बार फिर महसूस की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी परिवार को इस तरह की पीड़ा न झेलनी पड़े।
