#अव्यवस्था
July 15, 2026
हिमाचल: बिना स्कूल उद्घाटन किए वापस लौटे शिक्षा मंत्री, कोर्ट पहुंचा मामला-सरकार से मांगा जवाब
समारोह हुआ लेकिन उद्घाटन नहीं
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देवरी के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन न होने का मामला अब न्यायपालिका की चौखट तक पहुंच गया है। इस प्रकरण को लेकर दायर जनहित याचिका पर प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।
दरअसल, मामले में देवरी क्षेत्र के निवासी कुंजलाल की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2023 की प्राकृतिक आपदा में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देवरी का पुराना भवन क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद छात्रों की पढ़ाई अस्थायी रूप से एक किराए के भवन में करवाई जा रही है। हालांकि नया भवन तैयार हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद विद्यार्थियों को वहां शिफ्ट नहीं किया गया।
याचिका के अनुसार, नवनिर्मित स्कूल भवन के उद्घाटन के लिए बाकायदा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उद्घाटन पट्टिका भी स्थापित कर दी गई थी और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर समारोह में शामिल होने के लिए देवरी पहुंचे थे। लेकिन किसी कारणवश उन्होंने भवन का औपचारिक उद्घाटन नहीं किया और कार्यक्रम स्थल से वापस लौट गए। इसके बाद से यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस जनहित याचिका पर हिमाचल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति विपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई से पहले विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले की अगली सुनवाई **22 जुलाई** को निर्धारित की गई है।
हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य के शिक्षा सचिव, उच्च शिक्षा निदेशक, मंडी के उपायुक्त, उपनिदेशक उच्च शिक्षा मंडी तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देवरी के प्रधानाचार्य को भी नोटिस जारी किए हैं। अदालत ने सभी संबंधित अधिकारियों से पूछा है कि जब भवन उपयोग के लिए तैयार है, तो विद्यार्थियों को अब तक वहां स्थानांतरित क्यों नहीं किया गया।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता उदयनंद शर्मा ने अदालत को बताया कि वर्तमान में छात्र जिस किराए के भवन में पढ़ाई कर रहे हैं, वह काफी पुराना है और बरसात के मौसम में वहां सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। क्षेत्र के अभिभावकों का कहना है कि मानसून शुरू होने के बाद बच्चों की सुरक्षा का खतरा और बढ़ गया है। ऐसे में तैयार भवन का उपयोग न होना समझ से परे है।
अब इस पूरे मामले में सभी की नजर राज्य सरकार के जवाब पर टिकी हुई है। अदालत के समक्ष सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि नवनिर्मित भवन का उद्घाटन क्यों नहीं हो पाया और छात्रों को उसमें स्थानांतरित करने में देरी किन कारणों से हो रही है। हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई में सरकार की ओर से दाखिल जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।