#उपलब्धि
January 26, 2026
हिमाचल : परिवार की पहली सरकारी अफसर बनीं साक्षी, किसान पिता की बेटी ने झटका 19वां रैंक
ADO के पद पर साक्षी पुंडीर का चयन
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सिरमौर। खेतों में मेहनत कर परिवार का पेट पालने वाले किसान पिता और सादगी भरा जीवन जीने वाली गृहिणी मां की बेटी साक्षी पुंडीर ने वह मुकाम हासिल किया है, जो आज पूरे आंज-भोज क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया है।
पांवटा साहिब उपमंडल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत आगरों-भरली के गांव आगरों की रहने वाली साक्षी का चयन कृषि विकास अधिकारी (ADO) के पद पर हुआ है। यह चयन हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से हुआ, जिसमें साक्षी ने प्रदेश स्तर पर 19वां रैंक हासिल कर अपनी काबिलियत साबित की है।
साक्षी पुंडीर एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता श्याम सिंह पुंडीर खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि उनकी माता सविता पुंडीर एक गृहिणी हैं।
तीन भाई-बहनों में साक्षी सबसे बड़ी हैं और परिवार की पहली सदस्य हैं, जिन्हें किसी सरकारी विभाग में अधिकारी पद पर सेवा देने का अवसर मिला है। उनकी इस सफलता ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव का मान बढ़ा दिया है।
साक्षी की सफलता के पीछे उनकी शिक्षा और निरंतर मेहनत की अहम भूमिका रही है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल, पांवटा साहिब से प्राप्त की। इसके बाद राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पांवटा साहिब से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की।
उच्च शिक्षा के लिए साक्षी ने बड़ू साहिब, राजगढ़ से BSC. एग्रीकल्चर की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, समस्तीपुर (बिहार) से MSC. एग्रीकल्चर की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान उन्होंने विषय की गहराई से समझ विकसित की और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में खुद को पूरी तरह झोंक दिया। साक्षी ने प्रदेश स्तर पर 19वां रैंक हासिल कर अपनी काबिलियत साबित की है।
कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर प्रयासों के दम पर साक्षी ने प्रदेश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और अंततः कृषि विकास अधिकारी बनने का सपना साकार कर दिखाया।
जैसे ही साक्षी की सफलता की खबर गांव पहुंची, आगरों और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल बन गया। ग्रामीणों, रिश्तेदारों और शिक्षकों ने मिठाइयां बांटकर और बधाइयां देकर अपनी खुशी जाहिर की। लोग साक्षी को क्षेत्र की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बता रहे हैं।
अपनी इस उपलब्धि पर साक्षी पुंडीर ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे माता-पिता के संघर्ष, शिक्षकों के मार्गदर्शन और उनकी खुद की कड़ी मेहनत का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि कृषि क्षेत्र में काम कर किसानों की समस्याओं को समझें और उनके समाधान के लिए ईमानदारी से प्रयास करें।
साक्षी पुंडीर की यह सफलता साबित करती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर भी असाधारण मुकाम हासिल किया जा सकता है। आज साक्षी सिर्फ अपने परिवार की नहीं, बल्कि पूरे सिरमौर जिले और आंज-भोज क्षेत्र की पहचान बन चुकी हैं।