#अव्यवस्था

July 19, 2026

हमे किसी का डर नहीं!... विक्रमादित्य सिंह के दौरे में PWD अधिकारी गायब, मंत्री ने लगाई क्लास- मांगा जवाब

चौपाल दौरे पर पहुंचे थे मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मौके पर नहीं मिला पीडब्ल्यूडी का कोई अधिकारी

शेयर करें:

Vikramaditya Singh

शिमला। हिमाचल प्रदेश में कुछ अधिकारी और कर्मचारी शायद अब सरकारी जवाबदेही और प्रशासनिक अनुशासन को हल्के में लेने लगे हैं। कई बार यह आरोप लगते रहे हैं कि कुछ विभागों में अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में रहती है, लेकिन शिमला जिला के चौपाल विधानसभा क्षेत्र से सामने आया ताजा मामला इन चर्चाओं को और हवा दे रहा है।

दरअसल, लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह के आधिकारिक दौरे के दौरान संबंधित विभाग का अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं मिला। विकास कार्यों के निरीक्षण के समय अधिकारी की गैरमौजूदगी ने न केवल विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़े किए, बल्कि मंत्री की नाराजगी भी खुलकर सामने आ गई।

मंत्री निरीक्षण पर पहुंचे, अधिकारी मिले गायब

जानकारी के अनुसार मंत्री विक्रमादित्य सिंह चौपाल क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लेने पहुंचे थे। इस दौरान लोक निर्माण विभाग से जुड़े कार्यों का निरीक्षण भी कार्यक्रम का हिस्सा था। लेकिन जब मंत्री मौके पर पहुंचे तो संबंधित अधिकारी वहां मौजूद नहीं था। इस अनुशासनहीनता को देखकर मंत्री विक्रमादित्य सिंह का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने बिना एक पल गंवाए इस पर कड़ा संज्ञान लिया।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: पति को चाय में नींद की गो.ली देकर फरार हुई नई नवेली दुल्हन, 3 माह पहले हुई थी शादी

 

 

फोन पर ही लगा दी क्लास, जवाब से असंतुष्ट दिखे मंत्री

अधिकारी की इस बड़ी लापरवाही पर मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने तत्काल उन्हें फोन लगाया और सार्वजनिक रूप से फोन पर ही उनकी क्लास लगा दी। मंत्री ने सीधे शब्दों में गैरहाजिर रहने की वजह पूछी, लेकिन दूसरी तरफ से अधिकारी द्वारा जो दलीलें और जवाब दिए गए, उससे मंत्री विक्रमादित्य सिंह बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने दो टूक लहजे में अधिकारी को कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने पर आड़े हाथों लिया।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में प्रकृति का रौद्र रूप: भरभरा कर दरका पहाड़, भयानक मंजर देख लोगों की निकली चीखें; VIDEO

लिखित स्पष्टीकरण तलब

इस घटनाक्रम के तुरंत बाद विक्रमादित्य सिंह ने लोक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग अब संबंधित अधिकारी से औपचारिक रूप से लिखित स्पष्टीकरण (Explanation) तलब करने जा रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो अधिकारी के जवाब की समीक्षा की जाएगी और यदि उसका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो सेवा नियमों के तहत आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में फिर फटा बादल: किसानों की नगदी फसलें तबाह, नाले में आई बाढ़ से मलबे में बदली सड़क

सरकारी काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने साफ संदेश दिया है कि जनता से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ निर्वहन करने की नसीहत दी है। राज्य सरकार लगातार विकास परियोजनाओं की प्रगति पर नजर बनाए हुए है और ऐसे में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की गैरहाजिरी को प्रशासनिक अनुशासन के खिलाफ माना जा रहा है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल : तेज बारिश में हुआ हा.दसा- मरीज को छोड़ने गई AMBULANCE दुर्घटनाग्रस्त, 2 लोग...

विभागीय अधिकारियों में बढ़ी हलचल

इस घटनाक्रम के बाद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के बीच भी चर्चा का माहौल है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में फील्ड विजिट, निरीक्षण और मंत्रियों के दौरों के दौरान अधिकारियों की उपस्थिति को लेकर और अधिक सख्ती बरती जा सकती है। चौपाल से सामने आया यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि आखिर कुछ अधिकारी सरकारी जिम्मेदारियों को कितनी गंभीरता से लेते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें संबंधित अधिकारी के स्पष्टीकरण और विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। क्या केवल चेतावनी देकर मामला समाप्त होगा या फिर विभागीय कार्रवाई की गाज गिरेगी, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख