शिमला। कहते हैं कि पढ़ाई और सीखने की कोई उम्र नहीं होती। जीवन के किसी भी पड़ाव पर नया ज्ञान अर्जित किया जा सकता है और अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है। ऐसा ही कुछ राजधानी शिमला के मोहन ठाकुर ने कर दिखाया है।
दो बेटियों के पिता ने क्लियर किया UGC-NET
मोहन ठाकुर शादीशुदा हैं और दो बच्चों के पिता हैं। मोहन ने UGC-NET क्वालीफाई किया है। मोहन ने इस परीक्षा में 88.83 प्रतिशत स्कोर हासिल किए हैं। अब मोहन सहायक प्रोफेसर और PHD के लिए योग्य हो गए हैं।
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परिवार में खुशी का माहौल
मोहन शिमला जिले के मेंथली गांव के रहने वाले हैं। मोहन ने UGC-NET परीक्षा में 300 में से 154 अंक हासिल किए हैं। मोहन की इस शानदार सफलता के बाद परिजनों और गांव में खुशी का माहौल है।
पत्नी ने दिया पढ़ने का मौका
वर्तमान में मोहन राजकीय उच्च विद्यालय, मूलबरी, शिमला में TGT(NM) के रूप में कार्यरत हैं। मोहन के अपनी सफलता का श्रेय डॉ. B.R. अंबेडकर के विचारों और अपने परिवार, विशेषकर अपनी पत्नी के समर्थन को दिया है। मोहन ने कहा कि पत्नी ने दोनों बेटियों की जिम्मेदारी संभाली और मुझे पढ़ाई करने का मौका दिया। उसकी मदद के बिना मेरे लिए ये सफलता हासिल कर पाना असंभव था।
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युवाओं के लिए प्रेरणा बना मोहन
मोहन की सफलता को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि मोहन गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा बना गया है। मोहन ने संसाधनों की कमी के बावजूद भी इतनी कठिन परीक्षा को पास किया। मोहन ने ये साबित कर दिया है कि कड़ी मेहनत और परिवार का विश्वास ही सफलता की कुंजी है।
