चंबा। हिमाचल प्रदेश में बारिश के मौसम में स्कूल जाने वाले बच्चों की सबसे बड़ी परेशानी छाता संभालना होता है। मगर अब शायद बच्चों की ये परेशानी बहुत जल्द ही खत्म होने वाली है।
बच्चे ने तैयार किया अनोखा बैग
चुराह क्षेत्र की राजकीय माध्यमिक पाठशाला पुखतला के आठवीं कक्षा के छात्र मुकेश कुमार ने एक अनोखा मॉडल तैयार किया है। ये मॉडल एक सामान्य स्कूल बैग को ही छाते में बदल देता है।
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बटन दबाते ही बन जाएगा छाता
खास बात यह है कि बैग में लगाया गया यह सिस्टम केवल एक बटन दबाते ही खुल जाता है और बच्चे को बारिश से पूरी तरह बचाता है। इस मॉडल की मदद से छात्रों को अलग से छाता ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बारिश में होगी आसानी
अचानक बारिश होने पर भी वे बिना भीगे आसानी से स्कूल आ-जा सकेंगे। साथ ही किताबें और अन्य सामान भी सुरक्षित रहेंगे, जिससे पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह मॉडल बच्चों की रोजमर्रा की समस्या को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
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राज्य स्तर पर सिलेक्ट
मुकेश के इस नवाचार को अब राज्य स्तर पर पहचान मिलने जा रही है। उनके मॉडल का चयन राज्य स्तरीय इंस्पायर मानक कार्यक्रम के लिए हुआ है-जो मई महीने में आयोजित होगा। मुकेश को पूरा भरोसा है कि उनका यह प्रयास आगे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगा और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा।
शिक्षक ने की मदद
इस मॉडल को तैयार करने में उनके गाइड शिक्षक सुरेंद्र कुमार ठाकुर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके मार्गदर्शन में मुकेश ने इस विचार को हकीकत में बदल दिया। स्कूल स्तर से शुरू हुआ यह प्रयास अब बड़े मंच तक पहुंच रहा है, जो अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
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बैग-छाता मॉडल छाया
गौरतलब है कि वर्ष 2024-25 के तहत आयोजित इंस्पायर अवार्ड विज्ञान प्रदर्शनी इस बार धर्मशाला में आयोजित की गई थी। इसमें दो जिलों के करीब 80 विद्यार्थियों ने अपने-अपने मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें से सात सर्वश्रेष्ठ मॉडलों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया, जिसमें मुकेश का यह अभिनव बैग-छाता मॉडल भी शामिल है।
चंबा के बेटे का दबदबा
इंस्पायर कार्यक्रम के नोडल अधिकारी राकेश ठाकुर के अनुसार, चंबा जिले से इस बार एक ही मॉडल का चयन हुआ है, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। मुकेश का यह प्रयास न केवल उनकी सोच को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि छोटे क्षेत्रों से भी बड़े और उपयोगी नवाचार सामने आ सकते हैं।
