#अव्यवस्था
April 24, 2026
हिमाचल में पेट्रोल-डीजल संकट: कई पंपों पर सीमित स्टॉक, लोगों की बढ़ी परेशानी
टैंकर की कमी और सीमित सप्लाई, डीलरों की बढ़ी परेशानी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की सीमित आपूर्ति ने धीरे-धीरे संकट का रूप लेना शुरू कर दिया है। कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन को लेकर दबाव बढ़ रहा है, जिससे उपभोक्ताओं और डीलरों दोनों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। हालात ऐसे हैं कि अब यह केवल सप्लाई का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के संतुलन की चुनौती बन गया है।
जानकारी के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से फिलहाल सप्लाई सामान्य बनी हुई है, लेकिन भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के डीलरों को सीमित मात्रा में ही ईंधन मिल रहा है। इसका सीधा असर पंपों पर दिख रहा है, जहां स्टॉक सीमित होने के कारण संचालन मुश्किल हो रहा है।
रिलायंस जियो-बीपी और नायरा एनर्जी जैसे निजी कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर भी दबाव बढ़ गया है। जैसे ही किसी एक कंपनी के पंप पर ईंधन खत्म होता है, लोग दूसरे पंपों की ओर रुख करते हैं, जिससे वहां अचानक भीड़ बढ़ जाती है और असंतुलन की स्थिति बन जाती है।
जिन डीलरों के पास अपने टैंकर नहीं हैं, उन्हें ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। टैंकरों की सीमित उपलब्धता के कारण सप्लाई में देरी हो रही है, जिससे कई पंपों को सीमित भंडार में ही काम चलाना पड़ रहा है।
हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में परिवहन पूरी तरह पेट्रोल-डीजल पर निर्भर है। ऐसे में अगर सप्लाई की यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में यह बड़ी समस्या बन सकती है।
डीलरों का कहना है कि कंपनियां फिलहाल पंपों को पूरी तरह सूखने से बचाने के लिए सीमित मात्रा में सप्लाई कर रही हैं, लेकिन यह व्यवस्था लंबे समय तक टिकाऊ नहीं है।
हिमाचल पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुकुमार सिंह के अनुसार, इंडियन ऑयल से सप्लाई ठीक है, लेकिन बाकी कंपनियों में कमी है। उन्होंने कहा कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और डीलरों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है, तभी इस स्थिति को संभाला जा सकता है।