बिलासपुर। CBSE के 10वीं कक्षा के घोषित नतीजों में हिमाचल प्रदेश ने एक बार फिर अपनी मजबूत शैक्षणिक पहचान दर्ज कराई है। उत्तर भारत में प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा- जिससे यह साफ हो गया कि पहाड़ के छात्र लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
गांव का बेटा CBSE टॉपर
बिलासपुर के बरमाणा स्थित DAV सीनियर सेकेंडी पब्लिक स्कूल के छात्र नवदीप प्रजापत ने 99.6 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल में पहला स्थान प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
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ACC कंपनी में नौकरी करते हैं पिता
नवदीप ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और शिक्षकों के सहयोग को दिया। उनके पिता ललित कुमार ACC कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर हैं, जबकि माता सुमन प्रजापत गृहिणी हैं। नवदीप पहले राजस्थान में पढ़ाई कर चुके हैं और नौवीं कक्षा से DAV बरमाणा में पढ़ाई कर रहे हैं।
खास रहा पढ़ाई का तरीका
उनकी पढ़ाई का तरीका भी खास रहा। उन्होंने बताया कि वे स्कूल के अलावा रोजाना केवल 2 से 3 घंटे ही सेल्फ स्टडी करते थे। मगर इस समय का उपयोग पूरी योजना और फोकस के साथ करते थे। लगातार लंबे समय तक पढ़ने के बजाय वे छोटे-छोटे ब्रेक लेकर पढ़ाई करते थे, जिससे थकान नहीं होती थी और मन लगा रहता था। दोस्तों के साथ हल्का-फुल्का समय बिताना भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा, जिससे मानसिक संतुलन बना रहा।
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पढ़ाई को बोझ नहीं, लक्ष्य समझें
नवदीप का मानना है कि सफलता का राज केवल घंटों पढ़ाई करना नहीं, बल्कि नियमितता और एकाग्रता है। उन्होंने कहा कि अगर छात्र रोजाना थोड़ी-थोड़ी पढ़ाई भी ईमानदारी से करें, तो बड़े लक्ष्य भी आसानी से हासिल किए जा सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पढ़ाई को बोझ न समझें, बल्कि इसे अपने सपनों तक पहुंचने का माध्यम बनाएं। अनुशासन और निरंतरता ही सफलता की असली कुंजी है।
JEE Main की तैयारी करना
आगे की योजना के बारे में नवदीप ने बताया कि उनका लक्ष्य JEE Main की तैयारी करना है। वे एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान में दाखिला लेकर तकनीकी क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाना चाहते हैं। नवदीप की इस उपलब्धि पर स्कूल के प्रधानाचार्य किरण कुमार, शिक्षकों और प्रबंधन ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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CBSE में बेटियों ने मारी बाजी
इस बार भी प्रदेश की बेटियों ने बाजी मारते हुए छात्रों से बेहतर परिणाम हासिल किया। प्रदेश का कुल परीक्षा परिणाम 97.78 फीसदी दर्ज किया गया, जो पिछले साल के 97.26 फीसदी से 0.52 प्रतिशत अधिक है। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल लगातार आगे बढ़ रहा है।
हिमाचल से आगे J&K
पूरे उत्तर भारत में केवल जम्मू-कश्मीर ही 99.15 फीसदी परिणाम के साथ हिमाचल से आगे रहा। अगर पड़ोसी राज्यों से तुलना करें तो हिमाचल का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा। ऐसे ही-
- पंजाब- 96.06%
- हरियाणा- 92.28%
- उत्तराखंड- 93.26%
- उत्तर प्रदेश- 89.35%
- दिल्ली- 97.21%
- चंडीगढ़- 92.51%
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हिमाचल का शानदार प्रदर्शन
इस वर्ष प्रदेश से कुल 17,734 विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण करवाया था, जिनमें 9,825 छात्र और 7,909 छात्राएं शामिल थीं। परीक्षा में 17,709 विद्यार्थी उपस्थित हुए। इनमें से 17,316 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। पास होने वाले छात्रों में 9,593 छात्र और 7,773 छात्राएं रहीं।
बेटियां छू रही नई ऊंचाइयां
परिणामों में छात्राओं का प्रदर्शन एक बार फिर सराहनीय रहा। छात्राओं का पास प्रतिशत 98.44 फीसदी रहा, जबकि छात्रों का 97.30 फीसदी दर्ज किया गया। यह अंतर बताता है कि बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।
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जवाहर नवोदय विद्यालयों का 100 फीसदी
स्कूल श्रेणी के आधार पर भी शानदार परिणाम सामने आए हैं। प्रदेश के जवाहर नवोदय विद्यालयों ने 100 फीसदी परिणाम हासिल किया, जबकि केंद्रीय विद्यालयों का परिणाम 99.83 फीसदी और निजी स्कूलों का 97.49 फीसदी रहा।
