#उपलब्धि

March 29, 2026

हिमाचल की बेटी ने रचा इतिहास... ससुराल का साथ मिला को पूरे प्रदेश की टॉपर बन गई बहू

सविता ने टीजीटी मेडिकल में पूरे हिमाचल में प्रथम स्थान हासिल किया

शेयर करें:

savita mandi

धर्मपुर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश में अक्सर यह माना जाता है कि शादी के बाद बेटियों के सपने घर-परिवार की जिम्मेदारियों में कहीं पीछे छूट जाते हैं। लेकिन मंडी जिला की सविता देवी ने इस सोच को न केवल चुनौती दी, बल्कि उसे पूरी तरह बदलकर एक नई मिसाल कायम कर दी है। सविता देवी ने हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग द्वारा आयोजित टीजीटी (मेडिकल) परीक्षा में पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर यह साबित कर दिया कि अगर परिवार का साथ और खुद पर भरोसा हो] तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। उन्होंने 84.59 अंक प्राप्त कर प्रदेशभर में टॉप किया है।

मायके से ससुराल तक गर्व की लहर

सरकाघाट उपमंडल के गांव चेली में जन्मीं सविता आज जोगिंद्रनगर के लांगणा पंचायत की बहू हैं। उनकी इस उपलब्धि ने मायके और ससुराल दोनों जगह खुशी का माहौल बना दिया है। गांव-क्षेत्र में लोग उन्हें बेटियों के लिए प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल कांग्रेस : 'एक व्यक्ति एक पद' सिद्धांत से दिग्गज नेताओं को झटका, कई निकाले बाहर

शादी के बाद भी नहीं छोड़ा सपना

अक्सर देखा जाता है कि शादी के बाद बेटियों की प्राथमिकताएं बदल जाती हैं और वे अपने करियर को पीछे छोड़ देती हैं। लेकिन सविता ने इस धारणा को तोड़ते हुए यह दिखाया कि ससुराल और सपनों के बीच संतुलन बनाना संभव है। उन्होंने न सिर्फ घर-परिवार की जिम्मेदारियों को निभाया] बल्कि पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखते हुए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी जारी रखी। इस सफर में उनके पति नरेश बिष्ट और पूरे परिवार ने उनका पूरा साथ दिया] जो उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत बना।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल की ये नदी बुझाएगी दिल्ली की प्यास: 50 साल का इंतजार खत्म, मजबूत होगी प्रदेश की आर्थिकी

शिक्षा का मजबूत आधार

सविता शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बिलासपुर से पूरी की। इसके बाद बीएससी (मेडिकल), बीएड और फिर एमएससी तक की पढ़ाई पूरी कर अपने शैक्षणिक सफर को लगातार आगे बढ़ाया। अपनी सफलता पर सविता कहती हैं कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं] बल्कि उनके परिवार और गुरुजनों के विश्वास का परिणाम है। उनका मानना है कि बेटियों को कभी भी अपने सपनों से समझौता नहीं करना चाहिए। वह कहती हैं, “अगर परिवार का सहयोग मिले, तो शादी के बाद भी हर सपना पूरा किया जा सकता है। जरूरी है कि लक्ष्य पर फोकस बनाए रखें और मेहनत में कमी न आने दें।”

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल प्रदेश में बचा है कितने दिन का तेल: मुख्यमंत्री सुक्खू ने विधानसभा में बताया..

बेटियों के लिए बनीं नई प्रेरणा

सविता देवी की यह सफलता उन हजारों बेटियों के लिए एक मजबूत संदेश है, जो यह मान बैठती हैं कि शादी के बाद उनके सपनों की उड़ान थम जाती है। सविता ने साबित कर दिया कि सही माहौल और समर्थन मिले तो बेटियां हर क्षेत्र में इतिहास रच सकती हैं। आज सविता की सफलता केवल एक परीक्षा में टॉप करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस सोच को बदलने की कहानी है, जो बेटियों को सीमाओं में बांध देती है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख