#धर्म
April 15, 2026
बाबा बालक नाथ के दर पर टूटे सारे रिकॉर्ड : 12 लाख श्रद्धालुओं ने चढ़ाया 8.36 करोड़ चढ़ावा
भक्तों ने सोना-चांदी भी खूब किया अर्पित
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में इस बार चैत्र मास के मेले के दौरान आस्था का ऐसा सैलाब देखने को मिला, जिसने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। दूर-दूर से आए करीब 12 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में माथा टेका और दिल खोलकर चढ़ावा चढ़ाया। पूरे मेले के दौरान मंदिर में दिन-रात भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं और माहौल पूरी तरह भक्ति में डूबा रहा।
मंदिर प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस बार मेले में कुल मिलाकर लगभग 8 करोड़ 36 लाख रुपये से ज्यादा की आय हुई है। इसमें से करीब 5.93 करोड़ रुपये चढ़ावे के रूप में आए, जबकि लगभग 2.43 करोड़ रुपये श्रद्धालुओं ने दान के तौर पर दिए। यह आंकड़े बताते हैं कि लोगों की बाबा बालकनाथ में कितनी गहरी आस्था है और हर साल यह विश्वास और भी मजबूत होता जा रहा है।
सिर्फ नकदी ही नहीं, इस बार भक्तों ने सोना-चांदी भी खूब अर्पित किया। जानकारी के अनुसार, करीब 170 ग्राम सोना और लगभग 3.3 किलो चांदी बाबा के चरणों में भेंट की गई। इसके अलावा एक खास बात ये भी रही कि विदेशों में रहने वाले भक्तों ने भी अपनी हाजिरी लगाई।
दान पेटियों से इंग्लैंड के पाउंड, अमेरिका और कनाडा के डॉलर, यूरो, यूएई दिरहम और कुवैत के दिनार जैसी विदेशी मुद्राएं भी मिली हैं, जिससे साफ है कि बाबा के भक्त सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।
मेले के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। भीड़ को संभालने, दर्शन की व्यवस्था सुचारू रखने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस और मंदिर स्टाफ लगातार ड्यूटी पर तैनात रहे। यही वजह रही कि इतना बड़ा आयोजन होने के बावजूद पूरा मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
अब मेले के खत्म होने के बाद मंदिर के समय में बदलाव कर दिया गया है। मंदिर अधिकारी सुभाष कुमार ने बताया कि अब आम दिनों में मंदिर सुबह 5 बजे खुलेगा और रात 9 बजे मंगल आरती के बाद बंद कर दिया जाएगा। हालांकि, शनिवार के दिन श्रद्धालुओं की ज्यादा भीड़ को देखते हुए बाबा का दरबार 24 घंटे खुला रहेगा, ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो।
वहीं, मेला खत्म होने के बाद सफाई व्यवस्था को लेकर मंदिर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। मंदिर अधिकारी ने अपनी टीम के साथ ऊपरी और निचले बाजार का दौरा किया और जहां-जहां गंदगी मिली, वहां नाराजगी जताई। उन्होंने दुकानदारों और सफाई कर्मचारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि पूरे इलाके में साफ-सफाई का खास ध्यान रखा जाए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आखिर में मंदिर प्रशासन ने इस सफल और शांतिपूर्ण मेले के आयोजन पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि यह सब श्रद्धालुओं के सहयोग, मंदिर कर्मचारियों की मेहनत और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से संभव हो पाया है। साथ ही सभी का दिल से धन्यवाद भी किया गया, जिन्होंने इस बड़े आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।