ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के छोटे से गांव पंजावर की बेटी नंदिनी ठाकुर ने वह कर दिखाया है- जो लाखों अभ्यर्थियों का सपना होता है। UPSC की प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित ‘कंबाइन्ड जियो साइंटिस्ट’ परीक्षा 2025 में नंदिनी ने जियोफिजिक्स श्रेणी में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
देशभर में नंदिनी ने किया टॉप
हरोली क्षेत्र की बेटी की यह उपलब्धि केवल एक परीक्षा में सफलता भर नहीं, बल्कि यह उस मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास की कहानी है- जो पहाड़ की बेटियों को नई पहचान दे रही है।
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पहले ही प्रयास में सफलता
नंदिनी ने यह परीक्षा पहले ही प्रयास में पास की और वह भी बिना किसी कोचिंग संस्थान की मदद के। उन्होंने लिखित परीक्षा में 587 अंक और व्यक्तित्व परीक्षण में 140 अंक प्राप्त कर कुल 787 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया।
बिना कोचिंग के कमाल
नंदिनी बताती हैं कि उन्होंने अपनी तैयारी पूरी तरह स्व-अध्ययन से की। रोजाना लगभग 14 घंटे पढ़ाई, विषय की गहराई से समझ और नियमित मॉक टेस्ट उनकी रणनीति का हिस्सा रहे। उनका कहना है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो, तो संसाधनों की कमी भी रास्ता नहीं रोक सकती।
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गांव से दिल्ली तक का सफर
नंदिनी की प्रारंभिक शिक्षा बढ़ेडा राजपूतां स्कूल से हुई। मैट्रिक और प्लस टू की पढ़ाई उन्होंने पंजावर के सेंट मीरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की। विज्ञान विषय में उनकी रुचि बचपन से ही थी।
उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से भौतिकी में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। वहीं से उन्होंने जियोफिजिक्स की दिशा में अपना लक्ष्य तय किया और सिविल सेवा की इस विशिष्ट परीक्षा की तैयारी शुरू की।ट
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किसान की बेटी, बड़े सपनों की उड़ान
नंदिनी के पिता संजय ठाकुर एक साधारण किसान हैं, जबकि माता राजरानी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी। छोटे भाई आदित्य ठाकुर भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
परिवार का कहना है कि नंदिनी बचपन से ही अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित रही हैं। खेतों और पहाड़ों के बीच पली-बढ़ी इस बेटी ने साबित कर दिया कि सफलता शहरों तक सीमित नहीं होती।
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जियो साइंटिस्ट की भूमिका क्या होती है?
‘कंबाइन्ड जियो साइंटिस्ट’ परीक्षा के माध्यम से चयनित अभ्यर्थी भारत सरकार के विभिन्न वैज्ञानिक विभागों में नियुक्त होते हैं। जियोफिजिक्स विशेषज्ञ-
- पृथ्वी की आंतरिक संरचना का अध्ययन करते हैं।
- भूकंप संबंधी गतिविधियों का विश्लेषण
- भू-गर्भीय सर्वेक्षण
- खनिज और ऊर्जा संसाधनों जैसे तेल और गैस की खोज
- भूमिगत संरचनाओं की वैज्ञानिक जांच
- बांध, सुरंग, सड़क और रेलवे जैसी बड़ी परियोजनाओं में तकनीकी सलाह देना
- डेटा विश्लेषण करना
- फील्ड रिसर्च करना
- प्राकृतिक आपदाओं की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान
- पर्यावरणीय अध्ययन
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प्रदेश भर में खुशी की लहर
CM सुखविंदर सिंह सुक्खू और डिप्टी CM मुकेश अग्निहोत्री ने नंदिनी को बधाई देते हुए इसे पूरे हिमाचल के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी और यह दर्शाती है कि हिमाचल की प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा
नंदिनी की सफलता यह संदेश देती है कि लक्ष्य बड़ा हो तो रास्ते खुद बनते जाते हैं। गांव की शांत वादियों से निकलकर देशभर में प्रथम स्थान पाना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि यह हिमाचल की बेटियों के आत्मविश्वास का प्रतीक है।
