#अपराध
February 25, 2026
हिमाचल : चिट्टा बेचने आए थे दो यार, ग्राहक से पहले पहुंची पुलिस- खेप संग हुए गिरफ्तार
पुलिस को किसी ने दे दी नशा तस्करों की गुप्त सूचना
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश आज नशा तस्करी की बढ़ती चुनौती से जूझ रहा है। बीते कुछ वर्षों में प्रदेश में नशीले पदार्थों का कारोबार जिस तेजी से फैला है, उसने समाज, युवाओं और कानून-व्यवस्था तीनों के लिए गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।
प्रदेश के अलग–अलग जिलों से लगातार नशा तस्करों की गिरफ्तारी हो रही है। कहीं बाहरी राज्यों से आए तस्कर चिट्टा, चरस और स्मैक की खेप के साथ पकड़े जा रहे हैं, तो कहीं स्थानीय युवक भी इस अवैध धंधे का हिस्सा बनते नजर आ रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि नशा तस्करी अब सीमित गिरोहों तक नहीं रही, बल्कि यह एक संगठित नेटवर्क का रूप ले चुकी है।
इसी कड़ी में अब ताजा मामला कांगड़ा जिले से सामने आया है- जहां पुलिस टीम ने दो युवकों को चिट्टे (हेरोइन) की खेप के साथ गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी युवक हिमाचल के रहने वाले हैं।
जानकारी के अनुसार, 23 फरवरी देर रात को कांगड़ा पुलिस की विशेष टीम गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि रोडी (खलेट) में स्ट्रीट लाइट के पास दो युवक चिट्टे की खेप के साथ खड़े हैं।
इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और दोनों युवकों को चिट्टे(हेरोइन) की खेप के साथ रंगे हाथों दबोच लिया। जांच करने पर आरोपियों से 5.59 ग्राम चिट्टे (हेरोइन) पाई गई।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि दोनों युवक वहां खड़े होकर ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। पुलिस टीम ने दोनों को हिरासत में ले पूछताछ शुरू कर दी है- ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके। पुलिस टीम ये पता लगाने में जुटी हुई है कि वो ये खेप कहां से लेकर आए थे और कहां सप्लाई करने वाले थे।

विदित रहे कि ये बेहद चिंता की बात है कि कुछ स्थानीय लोग आसान कमाई के लालच में इस दलदल में फंसते जा रहे हैं। बेरोजगारी, नशे की लत और जल्द पैसा कमाने की चाह ने कई परिवारों को बर्बादी के कगार पर ला खड़ा किया है। कई मामलों में एक ही परिवार के दो–तीन सदस्य नशा तस्करी या नशे की गिरफ्त में पाए गए हैं, जो समाज के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।