मंडी। हिमाचल प्रदेश के छोटी काशी कहे जाने वाले मंडी की बेटी काजल राय सदाना का ख्वाब शनिवार को साकार हो गया। एक साल की ट्रेनिंग के बाद चेन्नई स्थित ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी के पासिंग आउट परेड में काजल भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जज एडवोकेट जनरल बनकर अपने माता-पिता के सामने हाजिर हुईं।

दो बार की नाकामी भी बुलंद इरादों को डिगा नहीं पाई 

बचपन से ही सेना ज्वॉइन करने का काजल का सपना काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। दो बाद एसएससी की परीक्षा में नाकाम रहने के बावजूद काजल निराश नहीं हुई और तीसरे अटेम्प्ट में पूरे देश में टॉप किया। काजल की इस उपलब्धि को उसके माता-पिता बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध का आशीर्वाद मानते हैं।

 

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पूरे प्रदेश का बढ़ाया गौरव

काजल राय सदाना को सिक्किम में पहली पोस्टिंग मिली है। 10 जून 1999 को जन्मी काजल ने 12वीं की परीक्षा डीएवी मंडी, लॉ की डिग्री पंजाब यूनिवर्सिटी और उसके बाद एलएलएम की डिग्री नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी पटियाला से हासिल की है। लॉ करने के बाद काजल ने भारतीय सेना में अधिकारी बनने के लिए दो बार एसएससी की परीक्षा दी, लेकिन दोनों बार वह क्वालिफाई नहीं कर सकीं।

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काजल ने परीक्षा में पूरे देश में किया था टॉप

इसके बाद भी काजल ने अपने सपने से मुंह नहीं मोड़ा और तीसरी बार फिर से यह परीक्षा दी। जिसमें न सिर्फ काजल को सफलता मिली, बल्कि उसने पूरे देश में टॉप करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। काजल की कड़ी मेहनत, समर्पण और बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध के आशीर्वाद पर अटल विश्वास था कि उसने बिना निराश हुए और कड़ी मेहनत की। चेन्नई में पासिंग आउट परेड के दौरान काजल के पिता भूपेंद्र सदाना और मां अंजना सदाना भी मौजूद थीं।

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