सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र के नैनीधार के खाड़ी गांव निवासी 26 वर्षीय वेद प्रकाश ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इतिहास विषय में NET और SET जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाएं पास करने के बाद अब उनका चयन CBSE में PGT (History) के पद पर हुआ है। वेद प्रकाश की इस दोहरी कामयाबी से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे शिलाई क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्र के उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा बनी है, जो मेहनत के दम पर अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं।
खाड़ी गांव के रहने वाले हैं वेद प्रकाश
वेद प्रकाश गांव खाड़ी, डाकघर खड़कहा, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर के रहने वाले हैं। उन्होंने इतिहास विषय में उच्च शिक्षा हासिल की और पढ़ाई के दौरान अपनी शैक्षणिक योग्यता को लगातार बेहतर किया।
यह भी पढ़ें- हिमाचल में 18 लाख के चिट्टे संग 6 युवक गिरफ्तार, अमृतसर से हो रही थी 'सफेद माल' की तस्करी
उन्होंने इतिहास विषय में NET और SET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं भी पास की हैं। अब CBSE में PGT इतिहास के पद पर उनका चयन उनकी मेहनत का एक और बड़ा परिणाम है।
कम उम्र में NET और SET भी किया पास
वेद प्रकाश ने अपनी सफलता से यह दिखा दिया है कि अगर लक्ष्य साफ हो और मेहनत लगातार जारी रखी जाए तो कोई भी मुकाम मुश्किल नहीं होता। कम उम्र में NET और SET जैसी परीक्षाएं पास करने के बाद अब CBSE में PGT के पद पर चयन होना उनकी मेहनत, लगन और इतिहास विषय के प्रति उनकी रुचि को दिखाता है।
यह भी पढ़ें- मणिमहेश जाने वालों के लिए बड़ी खबर! रात को यात्रा बैन, 1000 से ज्यादा जवान संभालेंगे मोर्चा
पिता ने भी बेटे की सफलता पर जताई खुशी
वेद प्रकाश के पिता शेर सिंह शिक्षा विभाग में LA के पद पर कार्यरत हैं। बेटे की सफलता पर उन्होंने खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि वेद प्रकाश शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रहा है और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करता रहा। उन्होंने बेटे की सफलता का श्रेय उसकी मेहनत के साथ-साथ परिवार के सहयोग और शुभचिंतकों के आशीर्वाद को दिया।
ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए बने प्रेरणा
वेद प्रकाश की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों ने गर्व जताया है। लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की सफलता हासिल करना दूसरे युवाओं के लिए भी प्रेरणा है। वेद प्रकाश ने अपनी कामयाबी से एक बार फिर साबित किया है कि प्रतिभा और मेहनत किसी जगह या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती।
