सोलन। जैसा कि हम सब जानते हैं कि मजबूरी इंसान को कोई भी काम करना सीखा देती है। बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जो कि घर के हालातों को सुधारने के लिए कुछ भी काम कर लेते हैं। ऐसा ही कुछ हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला की रहने वाली महिला नीलकमल ठाकुर कर रही हैं।

प्रदेश की पहली महिला ट्रक ड्राइवर

नीलकमल ठाकुर एक हेवी व्हीकल ड्राइवर हैं। वह हिमाचल प्रदेश की पहली महिला ट्रक ड्राइवर हैं। उनके सिर से पति का साया उठा तो उन्होंने कार का स्टेयरिंग छोड़कर आजीविका के लिए ट्रक का स्टेयरिंग संभाल लिया।

कंधों पर आई परिवार की जिम्मेदारी

जिला सोलन के पिपलुघाट की रहने वाली 42 वर्षीय नीलकमल ठाकुर के पति की मौत के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। उनके परिवार में उनका एक बेटा भी है। यह भी पढ़ें: मां-बाप से छिन गया 16 साल का बेटा, भंडारा खाने गया था नदी में डूबा पति की मौत के बाद नीलकमल ने ड्राइवर रखकर ट्रकों का संचालन शुरू किया था। मगर सही ढंग से काम नहीं हो पा रहा था। उनके ट्रक सही समय पर नहीं पहुंच रहे थे। ऐसे में नीलकमल ने खुद ट्रक चलाना शुरू किया।

आठ साल से चला रही हैं ट्रक

नीलकमल पिछले करीब आठ साल से खुद ट्रक चला रही हैं। अब नीलकमल ट्रक लोड करके चंडीगढ़, मनाली, सिरमौर, ऊना, रोहतांग व किन्नौर तक सफर कर लेती हैं।

हालातों ने किया मजबूर

नीलकमल बताती हैं कि उन्हें ट्रक चलाने का कोई शौक नहीं था। करीब 12 साल पहले एक सड़क हादसे में उनके पति की मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद आय का कोई साधन नहीं था। ऐसे में हालातों ने उन्हें ट्रक चलाने के लिए मजबूर कर दिया।

कार छोड़ थामा ट्रक का स्टेयरिंग

नीलकमल ने बताया कि मैं पहले कार चलाती थी तो मैंने सोचा कि क्यों ना ट्रक चलाया जाए। बस फिर तब से लेकर अभी तक मैंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह भी पढ़ें: पहले कराया किशोरी का अबॉर्शन, फिर दफना दिया नवजात उन्होंने बताया कि वह उनके दो ट्रक हैं और वह दोनों ट्रक खुद ही चलाती हैं। इतना ही नहीं ट्रकों की मरम्मत का भी वह अच्छे से ध्यान रखती हैं।

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