बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को गर्व से भर दिया है। घुमारवीं की रहने वाली होनहार बेटी महक शर्मा ने UPSC द्वारा आयोजित CDS (प्रथम) 2025 परीक्षा में पूरे देश में 24वां स्थान हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है।
अपने जिला से पहली महिला लेफ्टिनेंट बनी महक
इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही महक अब भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होने जा रही हैं। ऐसा कर महक बिलासपुर जिले की पहली महिला लैफ्टिनेंट बनने का गौरव भी हासिल करेंगी।
यह भी पढ़ें : उड़ता हिमाचल... चिट्टे ने उजाड़े हंसते-खेलते परिवार, 3 साल में 66 लोगों की मौ*त
स्कूल में महक का स्वागत
महक की इस ऐतिहासिक सफलता पर घुमारवीं स्थित मिनर्वा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मंगलवार को एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसी विद्यालय से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने वाली महक के स्वागत में स्कूल परिवार ने गर्मजोशी दिखाई।
कार्यक्रम के दौरान स्कूल के प्रधानाचार्य प्रवेश चंदेल, मिनर्वा स्टडी सर्कल के CMD राकेश चंदेल और अन्य शिक्षकों ने महक को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही हिमाचली परंपरा के अनुसार उन्हें टोपी पहनाकर सम्मान जताया गया।
यह भी पढ़ें : सावधान हिमाचल! अगले पांच दिन खराब रहेगा मौसम, भारी बारिश-बर्फबारी का अलर्ट जारी
महक का परिवार हुआ भावुक
समारोह का माहौल उस समय और भी भावुक हो गया जब महक के दादा हरबंस लाल और दादी रोशनी देवी भी अपनी पोती की इस उपलब्धि के साक्षी बने। उनके चेहरे पर गर्व और खुशी साफ झलक रही थी। महक की सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि स्कूल और पूरे इलाके को गौरवान्वित किया है।
भाई भी सेना में लेफ्टिनेंट
इस उपलब्धि के साथ ही एक और सुखद संयोग सामने आया है। महक के छोटे भाई शिव मंथन ने भी भारतीय सेना में लैफ्टिनेंट पद के लिए चयन हासिल किया है। वह वर्तमान में पुणे में प्रशिक्षण ले रहे हैं। एक ही परिवार के दो बच्चों का सेना में अधिकारी बनना न सिर्फ दुर्लभ है, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी बन गया है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में 8वीं पास के लिए नौकरी : 23 हजार तक मिलेगी सैलरी, यहां जानें पूरी डिटेल
साधारण परिवार से रखती हैं संबंध
महक का परिवार एक साधारण पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ है। उनके पिता चमन लाल शर्मा घुमारवीं में प्रिंटिंग प्रेस और नर्सरी का काम करते हैं, जबकि माता शशि कुमारी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने अपने बच्चों की शिक्षा और सपनों को हमेशा प्राथमिकता दी, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।
क्या है सफलता का मूल मंत्र?
महक शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने बताया कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही उनकी सफलता का मूल मंत्र रहा है। महक ने यह भी जानकारी दी कि अब वह चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में प्री-कमीशन ट्रेनिंग के लिए जाएंगी- जहां से उनका सैन्य जीवन औपचारिक रूप से शुरू होगा।
यह भी पढ़ें : हिमाचल की जनता को बड़ी राहत : अब समय पर मिलेगा गैस सिलेंडर, जानें कैसे और कब होगी बुकिंग
युवाओं के लिए संदेश
महक शर्मा की यह सफलता आज के युवाओं के लिए एक मजबूत संदेश है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। घुमारवीं और बिलासपुर ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए यह एक गर्व का क्षण है, जो आने वाले समय में कई और सपनों को उड़ान देने का काम करेगा।
