मंडी। हिमाचल प्रदेश के युवा अपने सपनों को साकार करने के लिए लगन, मेहनत और कड़ी मेहनत से अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। इसी जज्बे की एक प्रेरणादायक मिसाल मंडी जिला के जोगेंद्रनगर क्षेत्र से सामने आई है। दारट बगला गांव के देवेंद्र सिंह ने भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट का पद हासिल कर परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
देवेंद्र सिंह ने 1 अक्टूबर को इंडियन नेवी में कमीशन प्राप्त किया और सब लेफ्टिनेंट के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली। उनकी इस उपलब्धि के बाद परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं गांव और आसपास के क्षेत्र में भी बधाइयों का दौर जारी है।
2012 में पहनी थी नेवी की वर्दी, अब मिली नई जिम्मेदारी
देवेंद्र सिंह का सफर मेहनत और निरंतर आगे बढ़ने की कहानी है। उन्होंने वर्ष 2012 में भारतीय नौसेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। वर्षों तक नौसेना में सेवाएं देने और अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाने के बाद अब उन्हें सब लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन मिला है। उनकी यह उपलब्धि सिर्फ एक पदोन्नति नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। देवेंद्र ने यह साबित किया है कि छोटे से गांव से निकलकर भी बड़ा सपना देखा जा सकता है और मेहनत के दम पर उसे हासिल किया जा सकता है।
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पिता और दादा के बाद तीसरी पीढ़ी देश की सेवा में
देवेंद्र सिंह के परिवार का देश सेवा से पुराना और गौरवशाली नाता रहा है। देवेंद्र अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी हैं, जो सेना से जुड़कर देश की सेवा कर रही है। उनके दादा स्वर्गीय हरि सिंह स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं और इंडियन ग्रेनेडियर्स का हिस्सा रहे थे। इसके बाद उनके पिता ऑनरेरी रिसालदार मेजर बलवीर सिंह ने 76 आर्म्ड रेजिमेंट में अपनी सेवाएं दीं।
अब उसी परिवार की अगली पीढ़ी ने भारतीय नौसेना में नई जिम्मेदारी संभाली है। ऐसे में देवेंद्र की उपलब्धि परिवार की सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बन गई है।
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बड़े भाई भी एयरफोर्स में दे रहे सेवाएं
देवेंद्र सिंह के बड़े भाई भी देश सेवा से जुड़े हुए हैं। वह भारतीय वायुसेना में वारंट ऑफिसर के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। यानी परिवार के दो बेटे देश की अलग-अलग सेनाओं में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। देवेंद्र की माता गृहिणी हैं, लेकिन परिवार के सैन्य संस्कारों और बच्चों की सफलता में उनका योगदान भी महत्वपूर्ण रहा है।
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वहीं उनकी 94 वर्षीय दादी पार्वती देवी पोते की इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। पोते को नई जिम्मेदारी संभालते देख दादी की खुशी परिवार के लिए भावुक कर देने वाला पल है। जिस परिवार ने पीढ़ियों से देश सेवा को प्राथमिकता दी, उसी परिवार में अब देवेंद्र की नई उपलब्धि ने गर्व को और बढ़ा दिया है।
सरकारी स्कूलों से पढ़ाई, मेहनत से हासिल किया मुकाम
देवेंद्र सिंह की शिक्षा का सफर भी ग्रामीण और सरकारी स्कूलों से होकर गुजरा है। उन्होंने पहली से पांचवीं कक्षा तक राजकीय प्राथमिक पाठशाला जगेहड़, छठी से आठवीं तक राजकीय माध्यमिक पाठशाला दारट से पढ़ाई की।
इसके बाद उन्होंने नौवीं और दसवीं की शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टिकरू से हासिल की, जबकि जमा दो तक की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जोगेंद्रनगर से पूरी की। सरकारी स्कूलों से शिक्षा हासिल करने वाले देवेंद्र ने अपनी मेहनत और अनुशासन के दम पर नौसेना में मुकाम हासिल किया और अब सब लेफ्टिनेंट के पद तक पहुंचे हैं।
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देवेंद्र सिंह की इस सफलता के बाद उनके गांव दारट बगला सहित पूरे जोगेंद्रनगर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिवार और ग्रामीणों के लिए यह गर्व का क्षण है कि उनके बीच का एक युवा भारतीय नौसेना में अधिकारी के रूप में देश की सेवा करेगा। उनकी धर्मपत्नी भी केंद्र सरकार की कर्मचारी हैं और ईएसआईसी विभाग में सीनियर असिस्टेंट के पद पर सेवाएं दे रही हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने देवेंद्र
देवेंद्र की कहानी हिमाचल के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को उड़ान देने का हौसला रखते हैं। दादा ने देश की आजादी और सेना के दौर में योगदान दिया, पिता ने वर्दी पहनकर देश सेवा की और अब तीसरी पीढ़ी ने नौसेना में अधिकारी बनकर उसी विरासत को आगे बढ़ाया है।
