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October 13, 2026
घर लौटी गोल्डन गर्ल भावना- 14 साल पहले देखा सपना हुआ पूरा, परिवार ने किया धूमधाम से स्वागत
गोल्ड मेडल जीतना हर खिलाड़ी का सपना: भावना ठाकुर
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मंडी। अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी भावना ठाकुर का सोमवार को छोटी काशी मंडी पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। ऐतिहासिक सेरी मंच पर जिला कबड्डी संघ की ओर से उनके सम्मान में कार्यक्रम रखा गया। इस दौरान पटाखे फोड़कर उनका स्वागत किया गया। भावना ठाकुर भारतीय कबड्डी टीम का हिस्सा रही हैं, जिसने जापान में हुए एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। उनकी इस जीत से मंडी ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन हुआ है।
मंडी पहुंचने पर खेल प्रेमियों, जिला कबड्डी संघ के सदस्यों और परिजनों ने भावना ठाकुर का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना हर कबड्डी खिलाड़ी का सपना होता है। उनके लिए भी यह सपना 14 साल बाद पूरा हुआ है। देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना उनके लिए गर्व और खुशी का पल है।
भावना ठाकुर ने बताया कि उनके खेल करियर में सबसे मुश्किल समय वह था, जब लॉकडाउन के चलते वह ठीक से तैयारी नहीं कर पा रही थीं। हालांकि, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और मेहनत जारी रखी। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम ने एशियन गेम्स में भी भारत को गोल्ड मेडल दिलाया, जो उनके लिए बड़ी खुशी की बात है।
भावना ठाकुर ने बताया कि अब उनका लक्ष्य साउथ एशियन गेम्स और इंडोर टूर्नामेंट में हिस्सा लेना है। इसके लिए उन्होंने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। वह आगे भी अपनी मेहनत के दम पर देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हैं और भारत का नाम रोशन करना चाहती हैं।
कार्यक्रम में जल प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष शशि शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के तौर पर एक-एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। उन्होंने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। साथ ही उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इन खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन भी दिया है।
जिला कबड्डी संघ के प्रधान श्याम लाल ठाकुर ने भावना ठाकुर को इस बड़ी उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि मंडी की बेटी की इस जीत से पूरे हिमाचल प्रदेश का मान बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को सीमित सरकारी मदद मिलने के बावजूद वे अपनी मेहनत और लगन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। जिला कबड्डी संघ आगे भी ऐसे खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की कोशिश करेगा, ताकि मंडी से और खिलाड़ी निकलें और देश व प्रदेश का नाम रोशन करें।