#उपलब्धि

October 25, 2026

हिमाचल : किसान परिवार के बेटों ने रचा इतिहास, एक साथ हासिल की सरकारी नौकरी- भावुक हुई विधवा मां

पिता के बाद मां ने संभाला परिवार

शेयर करें:

himachal mandi news

मंडी। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के सराज विधानसभा क्षेत्र की जैशला पंचायत के सोवली गांव के रहने वाले दो सगे भाइयों गिरिराज और दुनी चंद ने एक साथ TGT आर्ट्स के पद पर चयन हासिल किया है। दोनों भाइयों ने कड़ी मेहनत और लगन के दम पर यह कामयाबी हासिल की है। उनकी सफलता से परिवार के साथ-साथ गांव में भी खुशी का माहौल है।

आर्थिक तंगी के बीच हुई दोनों भाइयों की पढ़ाई

गिरिराज और दुनी चंद का बचपन काफी मुश्किलों में बीता। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन माता-पिता ने कभी दोनों बेटों की पढ़ाई रुकने नहीं दी। माता-पिता खेतों में काम करने के साथ दिहाड़ी मजदूरी भी करते थे। इसी कमाई से घर का खर्च और दोनों भाइयों की पढ़ाई चलती थी।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल : बिना शटडाउन चला था काम, करंट की चपेट में आकर एक युवक की मौ**त- ठेकेदार पर FIR

 

मुश्किलें उस समय और बढ़ गईं, जब कुछ साल पहले उनके पिता डोले राम का निधन हो गया। पिता के जाने से परिवार पर दुखों के साथ आर्थिक संकट भी आ गया। इसके बावजूद दोनों भाइयों ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी पढ़ाई जारी रखी।

पिता के बाद मां ने संभाला परिवार

पिता के निधन के बाद मां लीलावती ने परिवार को संभाला। उन्होंने खुद मुश्किलें झेलकर भी दोनों बेटों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मां के हौसले और बेटों की मेहनत ने आखिरकार रंग दिखाया।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, आज भी होगी बारिश- जाने मौसम अपड़पेट

 

गिरिराज और दुनी चंद ने लगातार पढ़ाई की और अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा। मेहनत और लगन के चलते दोनों भाइयों का चयन टीजीटी आर्ट्स के पद पर हो गया। उनकी यह सफलता परिवार के लंबे संघर्ष और मां के त्याग का नतीजा है।

गांव और आसपास के युवाओं के लिए बने मिसाल

दोनों भाइयों की इस कामयाबी से सोवली गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी है। उनकी सफलता की लोग खूब तारीफ कर रहे हैं। दोनों भाइयों ने दिखा दिया कि अगर मेहनत और हौसला हो तो मुश्किल हालात भी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकते।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल की सियासत में 'लोन वॉर'... सुक्खू-जयराम में छिड़ी जुबानी जंग; बता रहे- किसने कितना लिया कर्ज

 

गिरिराज और दुनी चंद ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और अध्यापकों को दिया है। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए मेहनत सबसे जरूरी है। लक्ष्य चाहे कितना भी मुश्किल क्यों न हो, लगातार मेहनत करते रहना चाहिए और कठिन समय में हार नहीं माननी चाहिए।

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख