#उपलब्धि
October 17, 2026
PM मोदी से मिलीं हिमाचल की उड़नपरी सीमा, हाथ मिलाया- बात कर हुईं भावुक
12 साल की उम्र में पिता को खोया, फिर भी नहीं मानी हार
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के छोटे से गांव रेटा की बेटी सीमा कुमारी ने अपनी मेहनत और हिम्मत से बड़ी पहचान बनाई है। एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली सीमा को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में सम्मानित किया है। कभी गांव में नंगे पांव दौड़कर अपने सफर की शुरुआत करने वाली सीमा की कहानी आज हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो मुश्किल हालात के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहता है।
सीमा कुमारी की इस कामयाबी के पीछे सालों की मेहनत, लगन और संघर्ष है। बचपन से ही उन्होंने कई मुश्किलों का सामना किया, लेकिन कभी अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटीं। महज 12 साल की उम्र में पिता को खोने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
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सीमित संसाधनों के बीच गांव में नंगे पांव दौड़ने से शुरू हुआ उनका सफर आज अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स ट्रैक तक पहुंच गया है। उनकी कहानी बताती है कि अगर इंसान में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो मुश्किलें भी रास्ता नहीं रोक सकतीं।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 32 मिनट 50.05 सेकंड में दौड़ पूरी कर कांस्य पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि से चंबा जिले के साथ पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला सम्मान सीमा कुमारी के संघर्ष और मेहनत को नई पहचान देता है। उनकी कहानी खासकर उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो मुश्किल हालात के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं।
सीमा ने साबित कर दिया कि मेहनत, हिम्मत और लगातार कोशिश से बड़े से बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता आज हिमाचल की युवा पीढ़ी के लिए मिसाल बन गई है।