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October 3, 2026
मेहनत रंग लाई: हिमाचल में दो सगे भाईयों ने एक साथ पहनी वर्दी, माता-पिता के खुशी से छलके आंसू
दो सगे भाईयों का एक साथ हुआ होमगार्ड में चयन
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सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो प्रदेश के उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैए जो सरकारी सेवा में जाने का सपना देख रहे हैं। सोलन जिला के एक ही परिवार के दो सगे भाइयों ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर वर्दी पहनने का सपना साकार कर लिया है। कठिन शारीरिक परीक्षाओं और कड़ी प्रतिस्पर्धा को पार करते हुए दोनों भाइयों ने हिमाचल प्रदेश होमगार्ड में एक साथ अपनी जगह पक्की की है। अपने दो बेटों के एक साथ होमगार्ड में चयन होने पर उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
अर्की उपमंडल की ग्राम पंचायत साई के छोटे से गांव 'जमनी की बेंसक' में आज चारों ओर खुशी और गर्व का माहौल है। गांव के दो होनहार युवकों, गौरव और करण कुमार ने होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में अपनी योग्यता का लोहा मनवाया। शारीरिक दक्षता और अन्य कठिन परीक्षणों को अपनी अटूट लगन से पास करते हुए दोनों भाइयों ने यह सफलता हासिल की है। जैसे ही दोनों के चयन का आधिकारिक समाचार गांव पहुंचा, पूरे इलाके में बधाई देने वालों का तांता लग गया।
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गौरव और करण कुमार ने हाल ही में आयोजित हिमाचल प्रदेश होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। दोनों भाइयों ने भर्ती के दौरान आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा समेत विभिन्न चरणों को सफलतापूर्वक पार किया और अपनी योग्यता के दम पर चयन सूची में जगह बनाई। दोनों भाइयों की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अलग-अलग तैयारी करने के बजाय एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हुए इस मुकाम तक पहुंचने का सफर तय किया। मुश्किल अभ्यास, शारीरिक मेहनत और भर्ती की तैयारी के दौरान दोनों ने एक-दूसरे के लिए प्रेरणा बनने का काम किया।
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गौरव की उम्र 23 वर्ष है और उन्होंने वाणिज्य विषय में स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है। वहीं उनके बड़े भाई 25 वर्षीय करण कुमार स्नातक हैं। उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद भी दोनों भाइयों ने सरकारी सेवा और वर्दी पहनकर प्रदेश की सेवा करने का रास्ता चुना। उनकी सफलता यह संदेश भी देती है कि शिक्षा के साथ यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रखी जाए तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
गौरव और करण कुमार के पिता देवी चंद शिक्षा विभाग में जेबीटी अध्यापक के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। वहीं उनकी माता आशा देवी गृहिणी हैं। बच्चों की पढ़ाई, संस्कार और भविष्य को लेकर माता-पिता ने हमेशा उनका मार्गदर्शन किया। दोनों बेटों के एक साथ चयन की खबर ने परिवार की वर्षों की मेहनत और उम्मीदों को जैसे एक ही पल में खुशी में बदल दिया। परिजनों के मुताबिक यह उनके लिए गर्व का ऐसा क्षण है, जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे।
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घर के दो बेटों के एक साथ सरकारी वर्दी में चयनित होने की खबर परिवार के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है। बेटों की सफलता पर माता-पिता भावुक हो उठे। खुशी के आंसुओं के साथ उनके चेहरों पर गर्व साफ दिखाई दिया। परिवार के लिए यह सिर्फ नौकरी मिलने की खुशी नहीं, बल्कि दोनों बेटों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम है।
गौरव और करण कुमार की सफलता की खबर जैसे ही ग्रामीणों और पंचायत के लोगों तक पहुंची, बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। गांव और पंचायत के लोगों ने दोनों भाइयों की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही परिवार के दो युवाओं का एक साथ होमगार्ड में चयन होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। दोनों भाइयों की सफलता ग्रामीण क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
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आज के समय में सरकारी नौकरी के लिए युवाओं के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में गौरव और करण कुमार ने यह साबित किया है कि सही दिशा में लगातार मेहनत, मजबूत इच्छाशक्ति और लक्ष्य के प्रति समर्पण सफलता की राह खोल सकता है। दोनों भाइयों की कहानी उन युवाओं के लिए खास संदेश है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ा सपना देखते हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से न केवल होमगार्ड में जगह बनाई, बल्कि अपने परिवार और गांव को भी गर्व करने का अवसर दिया।
गौरव और करण कुमार की यह उपलब्धि उनके परिवार के लिए दोहरी खुशी और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है। एक ही घर से दो भाइयों का एक साथ वर्दी में चयन होना निश्चित रूप से एक यादगार उपलब्धि है। अब दोनों भाई हिमाचल प्रदेश होमगार्ड का हिस्सा बनकर प्रदेश की सेवा करने की नई जिम्मेदारी संभालेंगे। परिवार, रिश्तेदारों, पंचायत और ग्रामीणों को उम्मीद है कि दोनों आगे भी अपनी मेहनत और ईमानदारी से परिवार का नाम रोशन करेंगे।